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11 December 2018

कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन बने नए मुख्य आर्थिक सलाहकार

केंद्र सरकार ने डॉ कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन को मुख्य आर्थिक सलाहकार नियुक्त किया है. सुब्रमण्यन इस पद पर तीन साल तक रहेंगे. फिलहाल सुब्रमण्यन, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस में एसोसिएट प्रोफेसर हैं और सेंटर फॉर एनालिटिकल फाइनेंस के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर हैं. इस साल के शुरुआत में अरविंद सुब्रमण्यन के करीब साढ़े चार साल बाद वित्त मंत्रालय को छोड़ने के बाद से मुख्य आर्थिक सलाहकार का पद खाली पड़ा था. एक सरकारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, ‘नियुक्ति मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने डॉ कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन की मुख्य आर्थिक सलाहकार के तौर पर नियुक्ति को मंजूरी प्रदान कर दी. वह आईएसबी हैदराबाद में सहायक प्राध्यापक हैं.’ कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम भारत के 17वें मुख्य आर्थिक सलाहकार हैं.

सुब्रमण्यन आईआईटी और आईआईएम से पढ़ाई किए हैं. इसके साथ ही उन्होंने शिकागो-बूथ से पीएचडी की डिग्री हासिल की है. एकेडमिक करियर की शुरुआत से पहले सुब्रमण्यन न्यूयॉर्क में जेपी मॉर्गन चेज के साथ कंसल्टेंट के तौर पर काम कर चुके हैं. सुब्रमण्यन दुनिया के जाने माने बैंकिंग, कॉरपोरेट गवर्नेंस और इकोनॉमिक पॉलिसी के एक्सपर्ट हैं. कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम बैंकिंग, कॉर्पोरेट गवर्नेंस तथा आर्थिक नीति में विश्व के अग्रणी विशेषज्ञों में से एक हैं. 

फिलहाल सुब्रमण्यन, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस में एसोसिएट प्रोफेसर हैं और सेंटर फॉर एनालिटिकल फाइनेंस के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर हैं. पूर्व में सेबी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस की एक्सपर्ट कमिटी और आरबीआई के लिए बैंकों के गवर्नेंस का काम करने वाली कमिटी का हिस्सा होने के साथ कॉर्पोरेट गवर्नेंस और भारत में बैंकिंग रिफॉर्म्स के लिए उन्हें जाना जाता है. उन्हें इन सब क्षेत्रों में उनकी सेवाओं के कारण इस पद के लिए चुना गया है. कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन वैकल्पिक निवेश नीति, प्राथमिक बाजार, माध्यमिक बाजार और रिसर्च पर बनी सेबी की कमिटी का भी हिस्सा रहे हैं.

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