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19 December 2018

अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस

दुनियाभर में 18 दिसंबर 2018 को ‘अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस’ मनाया गया. वर्ष 2018 के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस का विषय-सम्मान के साथ प्रवास (Migration with Dignity) है. यह सम्मेलन प्रवासी कामगारों और उनके परिवार के सदस्यों के अधिकार और सुरक्षा के लिए आयोजित की गई थी. संयुक्त राष्ट्र हर साल सरकारों, संगठनों और इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने वाले लोगों को इस मौके पर आमंत्रित करती है. इसका उद्देश्य प्रवासी कामगारों से जुड़े आजादी के साथ काम और मानवाधिकार जैसे मुद्दे पर लोगों के विचार साझा किए जाते हैं. इसका उद्देश्य प्रवासी कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही आगे के लिए कार्य योजना तैयार की जा सके.

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 4 दिसम्बर 2000 को सम्पूर्ण विश्व में बढ़ते प्रवासियों की संख्या को देखते हुए को 18 दिसम्बर को अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की. संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट ने दावा किया है कि विश्व में सबसे ज्यादा प्रवासी भारतीय हैं. रिपोर्ट के अनुसार 15.6 मिलियन से अधिक भारतीय विदेश में रहते हैं. वर्ष 2014 से अब तक 5000 से ज्यादा लोग बेहतर जीवन और संरक्षण के लिए जीवन क्षति का सामना कर चुके हैं. समस्त विश्व के नेताओं ने वर्ष 2030 तक प्रवासियों के अधिकारों के संरक्षण और मनाव तस्करी को समाप्त करने की बात कही है.

विश्व बैंक ने हाल ही में 'माइग्रेशन एंड रेमिटेंस' नाम की एक रिपोर्ट जारी की थी. इस रिपोर्ट के अनुसार अपने देश में विदेशी मुद्रा भेजने के मामले में भारतीय प्रवासी सबसे आगे रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार प्रवासी भारतीयों ने साल 2018 में 80 अरब डॉलर (57 हजार करोड़ रुपए) भारत भेजे. दूसरे नंबर पर है चीन. चीन के प्रवासियों ने 67 अरब डॉलर भेजे हैं. भारत और चीन के बाद मेक्सिको, फिलीपींस और मिस्र का स्थान है. 

संयुक्त राष्ट्र संघ ने हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय प्रवास की चुनौतियों का सामना करने, प्रवासियों के अधिकारों को मजबूत करने और धारित विकास में योगदान हेतु वैश्विक समझौते का अंतिम प्रारूप तैयार किया है. ऐसा पहली बार हुआ है कि अंतर्राष्ट्रीय प्रवास के विभिन्न पहलुओं पर विचार विमर्श करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश एकत्रित हुये. हालांकि प्रत्येक हजार लोगों में दस मानव तस्करों के दुर्व्यवहार और शोषण का सामना कर रहे हैं.

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