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31 December 2018

प्रख्यात फ़िल्मकार मृणाल सेन का निधन

भारतीय सिनेमा के प्रख्यात फिल्म निर्देशक मृणाल सेन का 30 दिसंबर 2018 को निधन हो गया. वे 95 वर्ष के थे. मृणाल सेन का कोलकाता के भवानीपोर स्थित घर में निधन हुआ. वे लंबे समय से कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे. मृणाल सेन को उनकी कई फ़िल्मों के लिए 18 राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं. इनमें से कुछ पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ फीचर फ़िल्म और कुछ सर्वश्रेष्ठ निर्देशन और सर्वश्रेष्ठ स्क्रीन प्ले के लिए भी थे. वर्ष 2004 में मृणाल सेन की जीवनी ‘ऑलवेज़ बींग बॉर्न’ (Always Being Born) प्रकाशित हुई थी.

मृणाल सेन का जन्म फरीदपुर नामक शहर (अब बांग्लादेश में स्थित) में 14 मई 1923 को हुआ था. वे कोलकाता के भवानीपुर स्थित घर में रहते थे. वर्ष 1955 में मृणाल सेन ने अपनी पहली फीचर फिल्म 'रातभोर' बनाई थी. उनकी अगली फिल्म 'नील आकाशेर नीचे' ने उन्हें पहचान दी. जबकि उनकी तीसरी फिल्म 'बाइशे श्रावण' ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई थी. मृणाल सेन ने भुवनशोम (1969), कोरस (1974), मृगया (1976) और अकालेर संधाने (1980) जैसी फिल्में बनाईं. इन चारों फिल्मों को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. 

मृगया मिथुन चक्रवर्ती की पहली फिल्म थी. इसमें उन्होंने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता. मृणाल सेन की आखिरी फिल्म 2002 में आमार भुवन थी. मृणाल वर्ष 1998 से 2000 तक राज्यसभा में मनोनीत सांसद भी रहे. उन्हें वर्ष 1981 में पद्मभूषण और 2005 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. मृणाल सेन को वर्ष 2000 में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ फ्रेंडशिप से सम्मानित किया था.

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