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11 December 2018

उर्जित पटेल ने आरबीआई के गवर्नर पद से इस्तीफ़ा दिया

पिछले कई दिनों से सरकार और RBI के बीच रहे विवाद के बाद आज RBI गवर्नर उर्जित पटेल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने कहा कि वह यह फैसला व्यक्तिगत कारणों से ले रहे हैं. भारतीय रिजर्व बैंक में वर्षों से विभिन्न पदों पर काम करना मेरे लिए सम्मान की बात रही. उन्होंने अपने इस्तीफे का कारण नहीं बताया है. पटेल आरबीआई के 24वें गवर्नर थे. उन्हें सितंबर 2016 में तीन साल के लिए इस पद पर गवर्नर नियुक्त किया गया था. उन्होंने रघुराम राजन की जगह ली थी. 

लघु एवं मझोले उपक्रमों को कर्ज के नियमों में नरमी लाने , केन्द्रीय बैंक के पास आरक्षित धन के उपयुक्त स्तर और कमजोर बैंकों पर ऋण कारोबार की पाबंदी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार और रिजर्व बैंक के बीच पिछले कुछ समय से खींचतान चल रही है. पटेल ने अपने बयान में रिजर्व बैंक के अपने सहयोगियों का धन्यवाद किया है. लेकिन उन्होंने अपने वक्तव्य में सरकार अथवा वित्त मंत्रालय का कोई जिक्र नहीं किया है. उन्होंने कहा, यह मेरा सौभाग्य रहा है कि पिछले कई वर्ष तक मुझे रिजर्व बैंक में विभिन्न पदों पर काम करने का मौका मिला. 

उर्जित पटेल का जन्म 28 अक्टूबर 1963 को हुआ. उन्होंने सितंबर 2016 में रघुराम राजन की सेवानिवृत्ति के बाद यह पद ग्रहण किया था. उर्जित पटेल भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर के रूप में कार्य कर चुके हैं. येल यूनिवर्सिटी से पीएचडी डॉ. उर्जित पटेल 7 जनवरी 2013 को डिप्टी गवर्नर के रूप में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े. वे आईडीएफसी लिमिटेड में प्रमुख पॉलिसी ऑफिसर भी रह चुके हैं. डॉ. पटेल को वित्त, ऊर्जा और इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में 17 वर्षों का लंबा अनुभव प्राप्त है. डॉ. पटेल ने  ऊर्जा मंत्रालय और आर्थिक मामलों से जुड़े विभाग में भी 1998 से 2001 तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं. वर्ष 1995 से 1997 तक डॉ. उर्जित आरबीआई में कंसल्टेंट के रूप में भी कार्यरत रहे.

कुछ समय पूर्व से यह माना जा रहा था कि यदि सरकार रिजर्व बैंक का सेक्शन 7 लागू करती है तो उर्जित पटेल इस्तीफा दे सकते हैं. रिजर्व बैंक के सेक्शन 7 के तहत सरकार को ये अधिकार है कि वो आरबीआई के गवर्नर को गंभीर और जनता के हित के मुद्दों पर काम करने के लिए निर्देश दे सकती है. हालांकि, वित्त मंत्रालय ने आरबीआई को लेकर बयान जारी कर कहा था कि आरबीआई की स्वायत्ता जरूरी है और सरकार उसकी स्वायत्तता का सम्मान करती है.

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