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21 January 2019

नेपाल और भूटान जाने वाले 15 साल से कम आयु के भारतीयों के लिए 'आधार' वैध

भारत के 15 वर्ष से कम और 65 वर्ष से अधिक के नागरिक नेपाल और भूटान की यात्रा के लिए आधार कार्ड को वैध यात्रा दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे. यह जानकारी हाल ही में गृह मंत्रालय की जारी विज्ञप्ति में दी गई है. हालांकि इन दोनों वर्गो के अलावा अन्य भारतीय दोनों पड़ोसी देशों की यात्रा के लिए आधार कार्ड का प्रयोग नहीं कर सकेंगे. बता दें कि दोनों देशों की यात्रा के लिए वीजा की आवश्यकता नहीं होती है. विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारतीय नागरिकों के पास यदि वैध पासपोर्ट, भारत सरकार द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र या चुनाव आयोग द्वारा जारी पहचान पत्र है तो उन्हें नेपाल और भूटान जाने के लिए वीजा की जरूरत नहीं है. इससे पहले इन दोनों देशों की यात्रा के लिए 65 वर्ष से अधिक और 15 वर्ष से कम आयु के लोगों को अपनी पहचान साबित करने के लिए पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, केंद्र सरकार स्वास्थ्य सेवा (सीजीएचएस) कार्ड या राशन कार्ड दिखाना पड़ता था, लेकिन ये लोग आधार कार्ड का इस्तेमाल नहीं कर सकते थे.

नेपाल में भारतीय दूतावास द्वारा जारी किया गया आपातकालीन प्रमाण पत्र और पहचान प्रमाण पत्र भारत वापसी की यात्रा करने के लिए केवल एक यात्रा के वास्ते मान्य होगा. भारतीय नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास, काठमांडू से जारी पंजीकरण प्रमाण पत्र भारत और नेपाल के बीच यात्रा के लिए स्वीकार्य यात्रा दस्तावेज नहीं है. 15 से 18 साल के किशोरों को उनके स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा जारी पहचान प्रमाण पत्र के आधार पर भारत और नेपाल के बीच यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी.

भूटान की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के पास छह महीने की न्यूनतम वैधता के साथ या तो भारतीय पासपोर्ट या भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मतदाता पहचान पत्र होना चाहिए. भारतीय राज्य सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल के साथ भूटान की सीमा लगी हुई है. भूटान में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं. विदेश मंत्रालय के आकड़े के अनुसार, भूटान में लगभग 60,000 भारतीय नागरिक हैं, जो ज्यादातर पनबिजली और निर्माण उद्योग में कार्यरत हैं. इसके अलावा रोजाना करीब 8 से 10 हजार लोग भूटान आते जाते हैं. विदेश मंत्रालय के आकड़े के अनुसार, लगभग छह लाख भारतीय नेपाल में रहते हैं. नेपाल पांच भारतीय राज्यों-सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के साथ 1,850 किलोमीटर से ज्यादा सीमा साझा करता है.

आधार भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा जारी किया गया एक 12-डिजिट पहचान संख्या है. आधार वर्ष 2009 में गठित भारत सरकार का एक प्राधिकरण है जिसका गठन भारत के प्रत्येक नागरिक को एक बहुउद्देश्यीय राष्ट्रीय पहचान पत्र उपलब्ध करवाने की भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना के अन्तर्गत किया गया. भारत के प्रत्येक निवासियों को प्रारंभिक चरण में पहचान प्रदान करने एवं प्राथमिक तौर पर प्रभावशाली जनहित सेवाऐं उपलब्ध कराना इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य था.

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