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22 January 2019

बजट 2019-20: झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने वार्षिक बजट पेश किया

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सदन में 22 जनवरी 2019 को वित्त वर्ष 2019-20 का वार्षिक बजट पेश कर दिया है. मुख्यमंत्री ने लगभग 85,429 करोड़ का बजट पेश किया है. वित्त मंत्री के रूप में रघुवर दास का यह लगातार पांचवां बजट है. यह झारखंड का अब तक का सबसे बड़ा बजट है. बजट में योजना व्यय का आकार पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 5200 करोड़ रुपये अधिक रखा गया है. सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 80200 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था. इस बार के बजट में सामान्य क्षेत्र के लिए 23377 करोड़ रुपये, सामाजिक क्षेत्र के लिए 28882 करोड़ रुपये और आर्थिक क्षेत्र के लिए 33170 करोड़ रुपये का उपबंध किया गया है. सरकार ने कुल बजट में सबसे अधिक ग्रामीण विकास के लिए 14.32 प्रतिशत, शिक्षा के लिए 13.56 प्रतिशत, कृषि एवं इससे जुड़े क्षेत्र और जल संसाधन के विकास के लिए 9.46 प्रतिशत, अल्पसंख्यक समेत कल्याण प्रक्षेत्र के लिए 7.72 प्रतिशत तथा पुलिस एवं आपदा प्रबंधन के लिए 7.15 प्रतिशत के आवंटन का प्रस्ताव किया है.

बजट में कर स्रोतों से 20850 करोड़ रुपये और गैर कर स्रोतों से 10674.20 करोड़ रुपये आय अर्जित करने का अनुमान व्यक्त किया गया है. साथ ही केंद्रीय सहयोग के तहत मिलने वाली राशि 13833.80 करोड़ रुपये, केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी 29 हजार करोड़ रुपये, सार्वजनिक ऋण 11 हजार करोड़ रुपये तथा उधारी एवं अग्रिम संगह 71 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. वित्त वर्ष 2019-20 में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 316731 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2018-19 के 286598 करोड़ रुपये के मुकाबले 10.5 प्रतिशत अधिक है. इस दौरान 8.73 प्रतिशत वृद्धि के साथ प्रति व्यक्ति आय 83 हजार 513 रुपये रहने का आकलन है जबकि वित्त वर्ष 2018-19 में यह 76 हजार 806 रुपये और इसके पिछले वित्त वर्ष में 70 हजार 728 रुपये था. इस दौरान राजकोषीय घाटा 7155.63 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जो कि वित्त वर्ष 2019-20 के अनुमानित जीएसडीपी का 2.26 प्रतिशत है.

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बजट में 1200 किसानों को मधुमक्खी पालन से जोड़ने के लिए मीठी क्रांति शुरू करने की घोषणा की है. इस बजट में नवजातों की खास देखरेख के लिए अलग से प्रावधान किया गया है. झारखंड के प्रत्येक जिले में एक एक गुरुकुल की स्थापना होगी जहां कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस साल के बजट में ई नाम में निबंधित सभी किसानों को स्मार्ट फोन देने की घोषणा की गई है. राज्य सरकार आठवीं से ही बच्चों को प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कराएगी. इसके लिए मुख्यमंत्री मेधा छात्रवृति योजना शुरू होगी. कुल बजट का 11.82 प्रतिशत बच्चों पर खर्च होगा. वित्तीय वर्ष 2019-20 में खूंटी, सरायकेला-खरसांवा, लातेहार, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, धनबाद, दुमका, पाकुड़ एवं जामताड़ा जिलों में 5 हजार मीट्रिक टन क्षमता के शीतगृह का निर्माण कराया जाएगा.

यह तीसरा मौका है जब राज्य सरकार एक अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के लिए जनवरी में बजट प्रस्तुत की हो. गौरतलब है कि पिछले साल भी सरकार ने 23 जनवरी को अपना वार्षिक बजट पेश किया था. वित्तीय वर्ष 2018-19 में 80,200 करोड़ का मूल बजट था. जिसमे प्रमुख आवंटन शिक्षा और ग्रामीण विकास के ऊपर रखा गया था. स्कूली शिक्षा और साक्षरता के लिए 11,181.49 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था. वहीं, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज क्षेत्र में 11,771.16 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था.

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