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08 January 2019

प्रसार भारती ने 32 वर्षों से कार्यरत आकाशवाणी के राष्ट्रीय चैनल को बंद किया

प्रसार भारती ने हाल ही में ऑल इंडिया रेडियो के राष्ट्रीय चैनल और पांच शहरों में क्षेत्रीय प्रशिक्षण अकादमी को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया है. प्रसार भारती के उप-निदेशक द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि ऐसा खर्चों में कटौती के लिए किया गया है, साथ ही सेवाओं को और ज्यादा तर्कसंगत बनाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है. आकाशवाणी के महानिदेशक को भेजे एक पत्र में प्रसार भारती ने इसकी जानकारी दी है. आकाशवाणी के राष्ट्रीय चैनल बंद करने के अलावा अहमदाबाद, हैदराबाद, लखनऊ, शिलांग और तिरुवनंतपुरम में स्थित रीजनल ट्रेनिंग एकेडमी (आरएबीएम) को भी बंद किया जा रहा है. यह भी कहा गया है कि टोडापुर और नागपुर आदि में राष्ट्रीय चैनल में काम कर रहे कर्मचारियों के अलावा आरएबीएम में काम करने वालों की पदस्थापना संगठन की जरूरत के मुताबिक की जा सकती है. राष्ट्रीय चैनल और आकाशवाणी के सभी महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को डिजिटाइज करके उसके संरक्षण के लिए दिल्ली स्थित आर्काइव सेंटर भेजा जायेगा.

ऑल इंडिया रेडियो का शाम 6 से सुबह 6 बजे तक प्रसारित होने वाला राष्ट्रीय चैनल 1987 में शुरू हुआ था.  राष्ट्रीय मुद्दों से लोगों को परिचित कराने में इस चैनल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. रात में संचालित होने वाले इस चैनल में हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी भाषा में कई तरह के प्रोग्राम प्रसारित किए जाते थे. इसका उद्देश्य फैक्ट्री मजदूरों, किसानों, सैनिकों, ड्राइवरों और स्टूडेंट्स जैसे विविध रुचि वाले श्रोताओं के लिए कार्यक्रम प्रसारित करना था. इसमें मुशायरे के अलावा शास्त्रीय संगीत का कार्यक्रम भी सर्वाधिक लोकप्रिय रहा. इस चैनल के कार्यक्रमों की पहुंच 76% आबादी और 64% क्षेत्र तक थी.

आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) भारत के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन संचालित सार्वजनिक क्षेत्र की रेडियो प्रसारण सेवा है. भारत में रेडियो प्रसारण की शुरुआत मुंबई और कोलकाता में सन 1927 में दो निजी ट्रांसमीटरों से हुई. 1930 के दशक में इसका राष्ट्रीयकरण हुआ और तब इसका नाम भारतीय प्रसारण सेवा अथवा इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन रखा गया. 1936 में इसका नाम बदलकर ऑल इंडिया रेडियो (AIR) रख दिया गया, जिसे संचार विभाग देखा करता था. आगे चलकर वर्ष 1957 में इसका नाम बदल कर आकाशवाणी रखा गया था. वर्ष 1990 के मध्य तक देश में प्रसारण के 31 AM और FM स्टेशन बन चुके थे. 1994 में देश को जोड़ने के लिए 85 FM और 73 वेव स्टेशन बनाये गए. आकाशवाणी की बहुत भषाओं में विभिन्न सेवाएं हैं जो प्रत्येक देश भर के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं.

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