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21 January 2019

विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की रैंकिंग में ब्रिटेन को पछाड़ सकता है भारत: रिपोर्ट

भारत 2019 में दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की सूची में ब्रिटेन को पीछे छोड़ सकता है. वैश्विक सलाहकार कंपनी पीडब्ल्यूसी की एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि एक ही स्तर के विकास और कमोबेश समान आबादी की वजह से इस सूची में ब्रिटेन और फ्रांस आगे पीछे होते रहते हैं. लेकिन यदि भारत इस सूची में आगे निकलता है तो उसका स्थान स्थाई रहेगा. पीडब्ल्यूसी की वैश्विक अर्थव्यवस्था निगरानी रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वर्ष 2019 में ब्रिटेन की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 1.6 प्रतिशत, फ्रांस की 1.7 प्रतिशत तथा भारत की 7.6 प्रतिशत रहेगी.

पीडब्ल्यूसी की वैश्विक अर्थव्यवस्था निगरानी रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2019 में ब्रिटेन की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 1.6 प्रतिशत, फ्रांस की 1.7 प्रतिशत तथा भारत की 7.6 प्रतिशत रहेगी. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और फ्रांस 2019 में ब्रिटेन को पीछे छोड़ देंगे. इससे वैश्विक रैंकिंग में ब्रिटेन पांचवें स्थान से फिसलकर सातवें पायदान पर पहुंच जाएगा. विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार 2017 में फ्रांस को पीछे छोड़कर भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया. जल्द भारत के ब्रिटेन को पीछे छोड़ने की उम्मीद है जो पांचवें स्थान पर है. पीडब्ल्यूसी इंडिया के भागीदार एवं लीडर (लोक वित्त तथा अर्थशास्त्र) रानेन बनर्जी ने कहा कि यदि कोई बड़ी अड़चन नहीं आती है तो 2019-20 में भारत 7.6 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि की ओर लौटेगा.

पीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि 2019 में सुस्त रहेगी. रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि दर ने 2016 के अंत तथा 2018 के शुरू में जो रफ्तार पकड़ी थी अब वह पूरी हो चुकी है. विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार 2017 में भारत 2,590 अरब डॉलर के बराबर के जीडीपी के साथ दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया था. उसके फ्रांस को पीछे छोड़ा था. फ्रांस का जीडीपी 2,580 अरब डॉलर था.

पीडब्ल्यूसी वैश्विक अर्थव्यवस्था निगरानी रिपोर्ट एक लघु प्रकाशन है जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के रुख और मुद्दे पर गौर करता है. साथ ही यह दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं पर ताजा अनुमान प्रकाशित करता है. यह फर्म वर्ष 1998 में दो बड़ी कंपनियों-प्राइसवॉटर हाउस और कूपर्स एण्ड लाइब्रैंड के विलय के बाद बनायी गयी.

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