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14 January 2019

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नेपाल के सेना प्रमुख को मानद पदवी से किया सम्मानित

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 12 जनवरी 2019 को नेपाल के सेना प्रमुख जनरल पूर्ण चंद्र थापा को ‘भारतीय सेना के जनरल’ की मानद पदवी से सम्मानित किये. राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के अलावा सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत, एयर चीफ मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ और नौसेना प्रमुख सुनील लांबा भी मौजूद थे. नेपाल के सेना अध्यक्ष पूर्ण चंद्र थापा 12 जनवरी 2019 को भारत की चार दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे थे. थापा अपनी यात्रा के दौरान द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को बढ़ाने के लिए भारतीय सेना के शीर्ष नेतृत्व के साथ भी चर्चा की. 

जनरल पूर्ण चंद्र थापा को यह सम्मान उनके सराहनीय सैन्य कौशल और भारत के साथ नेपाल के लंबे और मैत्रीपूर्ण सहयोग को बढ़ावा देने में अथक योगदान के लिए दिया गया है. जनरल पूर्ण चंद्र थापा नेपाली सेना में मौजूदा सेनाध्यक्ष हैं. पूर्ण चंद्र थापा वर्ष 1980 में नेपाली सेना में शामिल हुए थे. उन्होंने 19 जनवरी 2015 से 7 फरवरी 2016 तक संयुक्त राष्ट्र विघटन पर्यवेक्षक बल के मिशन और फोर्स कमांडर के प्रमुख के रूप में कार्य किया. उन्होंने सितंबर 2018 में नेपाल सेना की कमान का कार्यभार संभाला था. 

पूर्ण चंद्र थापा भारत में राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज और नेपाल के ‘सैन्य कमान एवं स्टाफ कॉलेज’ से ग्रैजुएट हैं. उन्होंने त्रिभुवन विश्वविद्यालय (नेपाल) से स्नातक की डिग्री लेने के अलावा मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा एवं सामरिक अध्ययन में मास्टर की डिग्री ली है. उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान इन्फैंट्री बटालियन, इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली और वैली डिविजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग तथा सैन्य मुख्यालय में सैन्य सचिव के पद पर रहे. उन्होंने विदेश सेवा के तहत संयुक्त राष्ट्र के बैनर तले गोलान पहाड़ी, लेबनान और पूर्व युगोस्लाविया में सेवा दी.

भारत और नेपाल के बीच एक-दूसरे के सेना प्रमुखों को जनरल की मानद पदवी से सम्मानित करने की परंपरा है. इससे पहले नेपाल के राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को वर्ष 2017 में 'नेपाली सेना के जनरल' की मानद उपधि देकर सम्मानित किया था. कमांडर इन चीफ जनरल केएम करियप्पा वर्ष 1950 में नेपाल की सेना द्वारा इस पदवी से विभूषित किए जाने वाले पहले भारतीय सेना प्रमुख थे.

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