मासिक करेंट अफेयर्स

16 January 2019

चीन ने चांद पर उगाया कपास

चीन ने चांद पर कपास के बीज अंकुरित करने में सफलता हासिल कर ली है और अब उसकी नजर वहां पर आलू उगाने की है. ये पहला मौका है जब किसी देश ने दूसरे ग्रह पर फसल उगाने में सफलता हासिल की है. चीन के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उनके रोवर ने चांद पर कपास उगाने में सफलता हासिल कर ली है. चीन के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि कपास के बीज अंकुरित होने के बाद हम बहुत जल्‍द वहां पर आलू उगाने में भी सफलता हासिल कर लेंगे. चोंगकिंग विश्वविद्यालय के एडवांस्ड टेक्नॉलजी रिसर्च इंस्टिट्यूट की ओर से जारी
तस्वीरों को देखकर पता चलता है कि, 'चांग E-4 के इस महीने चंद्रमा पर उतरने के बाद यह अंकुर एक कनस्तर के भीतर मौजूद जालीनुमा ढांचे से पनपा है

चीन के वैज्ञानिक शाई गेंगशिन ने कहा, यह पहला मौका है जब चांद की सतह पर पौधों के विकास के लिए प्रयोग किए गए हैं. चोंगकिंग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अपने रोवर चांग E-4 में वायु, जल और मिट्टी युक्त 18 सेंटीमीटर का एक बॉक्‍स भेजा था. इसके अंदर कपास, आलू और सरसों के बीज भेजे गए थे. रोवर ने अभी जो तस्‍वीरें भेजी हैं उसके मुताबिक कपास का बीज अंकुरित हो गया है. वैज्ञानिकों का दावा है कि आलू का बीज भी बहुत जल्‍द अंकुरित हो जाएगा

चांग ई मिशन : चीन ने चांग ई-4 यान को 8 दिसंबर 2018 को शियांग सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से मार्च 3बी रॉकेट की मदद से लॉन्च किया था. चांग ई-4 अपने साथ एक रोवर (स्पेस एक्सप्लोरेशन वीइकल) भी लेकर गया है. यह लो फ्रिक्वेंसी रेडियो एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्वेशन की मदद से चांद के पिछले हिस्से की सतह की संरचना और मौजूद खनिजों के बारे में पता लगाएगा. इसके साथ ही यह रोवर पृथ्वी से चंद्रमा की पिछली सतह पर पहुंचने वाला विश्व का पहला यान बन गया है. चांग ई-4 यान चांद के वोन कारमन क्रेटर में उतरा. यह हिस्सा चंद्रमा का सबसे बड़ा, सबसे गहरा और सबसे पुराना माना जाता है. यान के लैंड होने पर मॉनिटर कैमरे से चंद्रमा के इस भाग की तस्वीरें भेजी गईं. यह चंद्रमा के पिछले हिस्से की पृथ्वी पर उपलब्ध पहली तस्वीरें हैं.

No comments:

Post a Comment