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19 February 2019

नई ई-टूरिस्ट वीज़ा व्यवस्था 166 देशों के लिए लागू

केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई ई-टूरिस्ट (पर्यटक) वीज़ा व्‍यवस्‍था, 166 देशों के लिए लागू कर दी गई है. हाल ही में, सरकार ने ई-वीज़ा व्यवस्था में कई संशोधन कर इसे और उदार बनाते हुए पर्यटकों के और अधिक अनुकूल बनाया है. पर्यटन मंत्रालय देश में वीज़ा व्यवस्था को आसान बनाने के लिए कुछ अर्से से गृह मंत्रालय के निकट सहयोग से काम कर रहा है. ई-पर्यटक और ई-व्‍यापार वीज़ा के तहत भारत में प्रवास की अवधि ठहरने की शर्तों के अनुसार मल्‍टीपल एंट्री सहित अधिकतम 1 वर्ष है. विदेशी नागरिक को अधिकतम तीन बार अनुमति देने के मौजूदा प्रतिबंध को भी हटा दिया गया है.

प्रत्येक यात्रा के दौरान ई- वीज़ा पर निरंतर प्रवास अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और जापान के नागरिकों को छोड़कर ई-वीज़ा प्रदान किए जाने के पात्र सभी देशों के नागरिकों के मामले में 90 दिनों से अधिक नहीं होगा. अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और जापान के नागरिकों के मामले में प्रत्येक यात्रा के दौरान निरंतर प्रवास 180 दिनों से अधिक नहीं होना चाहिए. सभी मामलों में पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी. ई-वीज़ा प्रदान किए जाने के लिए पात्र सभी देशों के नागरिकों के मामले में प्रत्येक यात्रा के दौरान निरंतर प्रवास 180 दिनों से अधिक नहीं होना चाहिए. 180 दिनों से कम अवधि के प्रवास पर किसी पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी.

ई-वीज़ा 2 (दो) और नामित हवाई अड्डों (भुवनेश्वर और पोर्ट ब्लेयर) के माध्यम से प्रवेश के लिए वैध है, ऐसे हवाई अड्डों की कुल संख्या बढ़ा कर 28 कर दी गई है. सामान्य ई-पर्यटन वीज़ा या पर्यटन वीज़ा के तहत डेस्टिनेशन वेडिंग में भाग लेना - डेस्टिनेशन वेडिंग वीज़ा की कोई अलग श्रेणी नहीं है. भारत में प्रवास के दौरान बीमार पड़ने वाले विदेशी नागरिक अब अपने वीज़ा को मेडिकल वीजा में परिवर्तित किए बिना चिकित्सा उपचार प्राप्त कर सकते हैं. इसमें चिकित्सा संबंधी आपात स्थितियों का ख्याल रखा जाएगा. कोरिया गणराज्य के नागरिकों को आगमन-पर-वीज़ा सुविधा प्रदान की गई है.

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