मासिक करेंट अफेयर्स

13 February 2019

बिहार सरकार ने वर्ष 2019-20 का बजट पेश किया

बिहार के उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने 12 फरवरी 2019 को वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 2,00,501.01 करोड़ रुपए का बजट विधानसभा में पेश किये. सुशील मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में इस बजट को पेश किया. इस बार के बजट में पिछले बजट के मुकाबले 23,510.74 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है. वित्तीय वर्ष 2018-19 में कुल 1,76,990.27 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था. इस बजट के तहत सरकार की तरफ से चलाए जा रहे वार्षिक स्कीम का बजट वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 1,00,000.98 करोड़ रुपये रखा गया है. ये वित्तीय वर्ष 2018-19 के 91,794.73 करोड़ रुपये के मुकाबले 8,206.25 करोड़ रुपये अधिक है.

बजट में सरकार ने लोगों को बेहतर शिक्षा, सड़क एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने का संकल्प दर्शाया है. वहीं गांवों के विकास पर भी फोकस है. बजट में किसी नए टैक्स की घोषणा नहीं की गई है. बतौर वित्तमंत्री सुशील कुमार मोदी ने 10 बार बिहार का बजट पेश किया. बजट में बिहार के 11 जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने की मंजूरी दी गई. नालंदा में डेंटल कॉलेज का निर्माण कराया जाएगा. सूबे के सूखाग्रस्त किसानों को 1420 करोड़ रुपए का अनुदान बजट में दिया गया है. इस बार के बजट में सबसे ज्यादा जोर शिक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों पर दिया गया है. शिक्षा क्षेत्र में 34 हजार 798 करोड़ रुपये के खर्च का प्रावधान किया गया है. जबकि, ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए कुल बजट की 1.48 प्रतिशत राशि कृषि के लिए रखी गयी है. राज्य सरकार ने नये वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट में सबसे ज्यादा शिक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों की सूरत को संवारने पर ध्यान दिया है.

इस बार के बजट में स्वास्थ्य विभाग के तहत 09 हजार 622.76 करोड़ का प्रावधान किया गया है. 11 नये मेडिकल कॉलेज अस्पतालों और एक नये डेंटल कॉलेज के निर्माण का काम शुरू किया जायेगा. इसमें छपरा, पूर्णिया, समस्तीपुर, बेगूसराय, सीतामढ़ी, झंझारपुर, सीवान, बक्सर, भोजपुर व जमुई में स्थापित होने वाले मेडिकल कॉलेज शामिल हैं. नालंदा में एक डेंटल कॉलेज भी बनना शुरू होगा. सरकार ने मुफ्त दवा वितरण योजना के तहत कैंसर व मधुमेह की दवाओं के साथ 310 प्रकार की दवाएं मरीजों को मुफ्त उपलब्ध करायेगी. साथ ही सर्जिकल वस्तुओं की भी मुफ्त उपलब्ध कराया जायेगा.

कृषि क्षेत्र के लिए बजट में कृषि विभाग को 2958 करोड़ रुपये का प्रावधान दिया गया है. वहीं वर्ष 2018-19 में सिंचाई के लिए 350 रू० प्रति एकड़ प्रति सिंचाई डीजल अनुदान को बढ़ाकर 500 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है. साथ ही वर्ष 2019-20 में जैविक खेती के प्रोत्साहन के लिए 6,000 के अनुदान को बढ़ा कर 8,000 प्रति किसान किया जाएगा. यह क्षेत्र भी बिहार की लगभग 70 प्रतिशत आबादी से जुड़ता है. पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए इस वित्तीय वर्ष में  17887.56 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. राज्य सरकार ने कहा कि सरकार ने तय सीमा से पहले राज्य के सभी घरों में बिजली पहुंचाने का काम किया है. राज्य के 39,000 गांवों में सभी घरों में बिजली पहुंचाने का काम दिसंबर 2018 की डेडलाइन से पहले किया गया. बिहार ऐसा करने वाला देश का आठवां राज्य बन गया है.

वित्तीय वर्ष 2019-20 में 21,516 करोड़ रुपये राजस्व बचत रहने का अनुमान है जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद यानी राज्य की जीडीपी 5,72,827 करोड़ रुपये का 3.76 फीसदी है. वित्तीय वर्ष 2019-20 में 16,101.05 करोड़ रुपये राजकोषीय घाटा रहने का अनुमान है जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद यानी राज्य की कुल जीडीपी 5,72,827 करोड़ रुपये का 2.81 फीसदी है. इस बजट के जरिये पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक वर्ग पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. इस बजट में हर वर्ग और हर विभाग के बीच संतुलन स्थापित करने की कोशिश की गई है.

No comments:

Post a Comment