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20 February 2019

कैबिनेट ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2019 को स्वीकृति दी

केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने 19 फरवरी 2019 को इले‍क्‍ट्रॉनिक्‍स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा प्रस्‍तावित राष्‍ट्रीय इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स नीति 2019 (एनपीई 2019) को अपनी स्‍वीकृति दे दी. यह बैठक प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में हुई. राष्‍ट्रीय इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स नीति 2019 (एनपीई 2019) ने राष्‍ट्रीय इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स नीति 2012 (एनपीई 2012) का स्‍थान लिया है. देश में चिप निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई नीति में सावरेन पेटेंट फंड स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है. इस नीति में चिपसेटों सहित महत्‍वपूर्ण घटकों को देश में विकसित करने की क्षमताओं को प्रोत्‍साहित कर और विश्‍व स्‍तर पर प्रतिस्‍पर्धा करने हेतु उद्योग के लिए अनुकूल माहौल बना कर भारत को ‘इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स सिस्‍टम डिजाइन एंड मैन्‍युफैक्‍चरिंग (ईएसडीएम)’ के एक वैश्विक केन्‍द्र के रूप में स्‍थापित करने की परिकल्‍पना की गई है.

वैश्विक स्‍तर पर प्रतिस्‍पर्धी ईएसडीएम सेक्‍टर के लिए अनुकूल माहौल बनाया जाएगा. ईएसडीएम की समूची मूल्‍य श्रृंखला (वैल्‍यू चेन) में घरेलू विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा. प्रमुख इलेक्‍ट्रॉनिक कलपुर्जो के विनिर्माण के लिए प्रोत्‍साहन एवं सहायता दी जाएगी. ऐसी मेगा परियोजनाओं के लिए प्रोत्‍साहनों का विशेष पैकेज दिया जाएगा, जो अत्‍यंत हाई-टेक हैं और जिनमें भारी-भरकम निवेश की जरूरत है. इनमें सेमी कंडक्‍टर सुविधाएं, डिस्‍प्‍ले फैब्रिकेशन इत्‍यादि शामिल हैं. नई यूनिटों को बढ़ावा देने और वर्तमान यूनिटों के विस्‍तारीकरण हेतु उपयुक्‍त योजनाएं और प्रोत्‍साहन देने से जुड़ी व्‍यवस्‍थाएं बनाई जाएंगी. इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स के सभी उप-क्षेत्रों में उद्योग की अगुवाई में अनुसंधान एवं विकास और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा.

एनपीई 2019 को कार्यान्वित करने पर संबंधित मंत्रालयों/विभागों के परामर्श से देश में ईएसडीएम सेक्‍टर के विकास के लिए अनेक योजनाओं, पहलों, परियोजनाओं इत्‍यादि को मूर्त रूप देने का मार्ग प्रशस्‍त होगा. इससे भारत में निवेश एवं प्रौद्योगिकी का प्रवाह सुनिश्चित होगा, जिससे देश में ही निर्मित इलेक्‍ट्रॉनिक उत्‍पादों के ज्‍यादा मूल्‍य वर्धन और देश में इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स हार्डवेयर के अधिक उत्‍पादन के साथ-साथ उनके निर्यात का मार्ग भी प्रशस्‍त होगा. इसके अलावा बड़ी संख्‍या में रोजगार अवसर भी सृजित होंगे.

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