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19 February 2019

आरबीआई ने सरकार को 28,000 करोड़ रुपये का अंतरिम लाभांश देने की घोषणा की

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने केंद्र सरकार को 28,000 करोड़ रुपये का अंतरिम लाभांश देने की घोषणा की है. इससे पहले आरबीआई ने मार्च 2018 में सरकार को 10,000 करोड़ रुपये का अंतरिम लाभांश दिया था. यह लगातार दूसरा साल है जब वह सरकार को अंतरिम लाभांश देगा.गौरतलब है, आरबीआई ने वित्त वर्ष 2017-18 में सरकार को कुल 50,000 करोड़ रुपये लाभांश दिया था. सरकार को इससे पहले लाभांश के रुप में रिजर्व बैंक ने 40 हजार करोड़ का लाभांश दे चुका है. 28 हजार करोड़ के अंतरिम लाभांश के साथ इस वित्त वर्ष में सरकार को रिजर्व बैंक से मिलने वाली कुल रकम 68 हजार करोड़ रुपये पहुंच जाएगी.

आरबीआई के मुताबिक संक्षिप्त ऑडिट समीक्षा और आर्थिक पूंजी फ्रेमवर्क के आधार पर बैंक ने यह लाभांश हस्तांतरित करने का फैसला किया है. आरबीआई का वित्त वर्ष जुलाई से जून तक चलता है. वह आमतौर पर अगस्त में सालाना अकाउंट को फाइनल करने के बाद सरकार को लाभांश देता है. आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल की बैठक में यह निर्णय किया गया. आरबीआई ने एक बयान में कहा है कि सीमित आडिट तथा वर्तमान आर्थिक पूंजी मसौदे की समीक्षा के बाद निदेशक मंडल ने 31 दिसंबर 2018 को समाप्त छमाही के लिये अंतरिम अधिशेष के रूप में केंद्र सरकार को 280 अरब रुपये हस्तांतरित करने का निर्णय किया है. यह लगातार दूसरा साल है जब रिजर्व बैंक अंतरिम अधिशेष हस्तांतरित कर रहा है.

आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास और वित्त मंत्री अरूण जेटली पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के सीईओ से 21 फरवरी 2019 को मिलेंगे. इस बैठक में ब्याज दरों में कटौती और ग्राहकों को पास किए गए फायदे पर चर्चा की जाएगी. इससे पहले रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कमी की है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड की बैठक के बाद कहा कि बीते पांच सालों मे राजस्व में ग्रोथ देखने को मिली है.

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