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21 February 2019

मानव संसाधन विकास मंत्री ने ऑपरेशन डिजिटल बोर्ड की शुरूआत की

मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने टेक्‍नोलॉजी का लाभ उठाने के लिए देश में गुणवत्‍तपूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से 20 फरवरी 2019 को ऑपरेशन डिजिटल बोर्ड की शुरुआत की है. एचआरडी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि ऑपरेशन डिजिटल बोर्ड एक क्रांतिकारी कदम है, जो अध्‍ययन के साथ-साथ अध्‍यापन की प्रक्रिया को संवादमूलक बनाएगा तथा शिक्षा-विज्ञान संबंधी दृष्टिकोण के रूप में अध्‍ययन को लोकप्रिय बनाएगा. देश में शिक्षा क्षेत्र सबसे बड़ी जिस चुनौती का सामना कर रहा है वह देश में मान्‍य गुणवत्‍ता मानकों को बनाए रखने की है. शैक्षणिक प्रौद्योगिकी और संपर्क के प्रसार ने इस मुद्दे के समाधान का अवसर दिया है और इसका उद्देश्‍य शैक्षणिक मानकों को समानता देना है.

ऑपरेशन डिजिटल बोर्ड (ओडीबी) देशभर के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्‍त स्‍कूलों में कक्षा 9 से लेकर उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों में शुरू किया जाएगा. यह प्रक्रिया 2019 के आगामी सत्र से शुरू हो जाएगी. आयोग ने पहले चरण में 300 विश्वविद्यालयों के 10 हज़ार कालेजों में दो लाख क्लास रूम डिजिटल बनाएगा जिस पर दो हज़ार करोड़ रुपये खर्च आयेंगे. यह 2022 तक बन कर तैयार होगा. इस योजना का उद्देश्‍य कक्षा को डिजिटल क्‍लास रूम में बदलना है और साथ ही छात्रों को किसी भी स्‍थान पर किसी भी समय ई-संसाधन उपलब्‍ध कराना है. इससे व्‍यक्तिगत अनुकूलनीय ज्ञान के साथ-साथ मशीन ज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा अनेलेटिक्‍स जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों का दोहन करके कुशल अध्‍यापन का प्रावधान करने में मदद मिलेगी. एक विशेषज्ञ समिति ने ओडीबी के अंतर्गत डिजिटल क्‍लास रूम के अधिकतम विन्‍यास तैयार कर लिया है.

हमारे पास अच्‍छी संख्‍या में प्रमुख संस्‍थान है, जो दुनिया के श्रेष्‍ठ संस्‍थानों से मुकाबला कर सकते हैं, बड़ी संख्‍या में उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों और स्‍कूलों में गुणवत्‍तापूर्ण अध्‍ययन में सुधार की आवश्‍यकता है, क्‍योंकि इन संस्‍थानों से निकलने वाले छात्र खुद को समाज और बाजार की जरूरतों के अनुसार उपयुक्‍त नहीं पाते. मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए ई-पाठशाला, दीक्षा, एनआरओईआर, एनपीटीईएल, ई-पीजीपाठशाला स्‍वयं और स्‍वयं प्रभा डीटीएच चैनल आदि ने उच्‍च गुणवत्‍ता की पर्याप्‍त सामग्री प्रदान की है जिसे प्रत्‍येक कक्षा तक ले जाया जा सकता है. इस प्रकार के शैक्षणिक हस्‍तक्षेप से अध्‍यापन का स्‍तर बेहतर हो सकता है चाहे स्‍कूल और कॉलेज/संस्‍थान कहीं भी हो इस तरह के प्रौद्योगिकी आधारित ज्ञान से देश भर के अध्‍यापकों को प्रेरणा मिल सकती है और वे अपना अध्‍यापन के स्‍तर बेहतर कर सकते हैं.

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