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25 February 2019

पीएम मोदी ने गोरखपुर से पीएम-किसान योजना लॉन्च की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना का शुभारंभ किया गया. लघु एवं सीमांत कृषकों की आय बढ़ाए जाने एवं उनके सुनहरे भविष्य के लिए इस योजना को भारत सरकार ने पूरे देश में लागू किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 75,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना का शुभारंभ किया है. इस दौरान उन्होंने बटन दबाकर एक करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में 2,000 रुपये की पहली किस्त भेजी. इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री ने, प्रधानमंत्री-किसान योजना के तहत चुने हुए किसानों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किये.

विदित हो कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम-किसान) की घोषणा 1 फरवरी, 2019 को अंतरिम बजट 2019-20 को की गई थी. इस योजना के तहत 2 हेक्टेयर तक की संयुक्त जोत/ स्वामित्व वाले छोटे एवं सीमान्त कृषक परिवारों को प्रतिवर्ष 6000 रुपए दिए जाएंगे. बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने घोषणा की थी कि इसमें छोटे और सीमांत किसानों के लिये 6,000 रुपए की आय समर्थन राशि दी जाएगी. यह राशि 2000 रुपए प्रत्येक की तीन किस्तों में दी जाएगी. यह राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के जरिए सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में अंतरित की जाएगी. डीबीटी पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा और किसानों का समय बचाएगा.

प्रधानमंत्री-किसान योजना का उद्देश्य प्रत्येक फसल चक्र की समाप्ति पर अनुमानित कृषि आय के अनुरूप उचित फसल स्वास्थ्य एवं उपयुक्त उपज सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न निविष्टियों को प्राप्त करने में एसएमएफ की वित्तीय आवश्यकताओं में सहायता प्रदान करना है. यह उन्हें ऐसे व्ययों की पूर्ति के लिए सूदखोरों के चंगुल में फंसने से बचाएगा तथा कृषि कार्यकलापों में उनकी नियमितता भी सुनिश्चित करेगा. यह योजना छोटे एवं सीमान्त किसानों (एसएमएफ) की आय में संवर्धन के लिए लागू की गई थी. इससे 12 करोड़ छोटे एवं सीमान्त किसानों को लाभ पहुंचने का अनुमान है. प्रधानमंत्री-किसान योजना भारत सरकार से 100 प्रतिशत वित्त पोषण प्राप्त एक केन्द्रीय क्षेत्र की योजना है. योग्य लाभार्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए अंतरण हेतु यह योजना 01.12.2018 से प्रभावी हो गई है. राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों (केंद्र शासित प्रदेशों) में मौजूदा भूमि-स्वामित्व प्रणाली का उपयोग लाभार्थियों की पहचान के लिए किया जाएगा. 01 फरवरी 2019 तक जिनके भी नाम भूमि रिकॉर्ड में होंगे उन्हें इस योजना का लाभ लेने के पात्र माना जाएगा.


यदि किसी किसान परिवार के एक या अधिक सदस्य निम्न श्रेणियों, किसी संस्थागत पद पर पूर्व में या वर्तमान में कार्यरत, मौजूदा या पूर्व मंत्री, राज्य मंत्री, लोकसभा-राज्यसभा, विधानसभा या विधान परिषद के पूर्व या मौजूदा सदस्य, नगर निगमों के पूर्व या मौजूदा मेयर और जिला पंचायतों के मौजूदा या पूर्व चेयरपर्सन में आते हैं तो उनको भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. केंद्र और राज्य सरकारों के मौजूदा या सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अलावा स्थानीय निकायों के नियमित कर्मचारियों (इसमें मल्टी टास्किंग कम्रचारी-श्रेणी चार-समूह डी के कर्मचारी शामिल नहीं हैं) को भी इस योजना का फायदा नहीं मिल सकेगा. ऐसे सभी सेवानिवृत्त कर्मचारी या पेंशनभोगी जिनकी मासिक पेंशन 10,000 रुपए या उससे अधिक है, को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.

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