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05 February 2019

नासा की हबल दूरबीन ने बौनी आकाशगंगा की खोज की

नासा के अंतरिक्ष टेलिस्कोप हबल ने हाल ही में ब्रह्मांड में एक और आकाशगंगा का पता लगाया है लेकिन नासा का कहना है कि यह आकाशगंगा हमारी मौजूदा आकाशगंगा की तुलना में बौनी है. नासा के स्पेस टेलिस्कोप हबल से इस आकाशगंगा का अध्ययन किया गया जिसके बाद ही इसे बौना (Dwarf) कहा गया है. नई आकाशगंगा को बेदिन-1 (Bedin-1) नाम दिया गया है. रॉयल एस्ट्रॉनोमिकल सोसायटी लेटर्स जर्नल के मासिक नोटिस में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक हबल के एडवांस कैमरे का उपयोग कर अध्ययन करने पर पता चला कि
सितारों का एक छोटा संग्रह दिखाई दे रहा था. इन तारों की चमक और तापमान का ध्यानपूर्वक विश्लेषण करने के बाद खगोलविदों ने यह निष्कर्ष निकाला कि ये तारे आकाशगंगा के तारामंडल का हिस्सा नहीं हैं बल्कि उससे करोड़ों प्रकाश वर्ष दूर स्थित हैं.

शोधकर्त्ताओं ने तारों के गोल गुच्छे NGC 6752 के भीतर सफेद बौने तारों का अध्ययन करने के लिये स्पेस टेलीस्कोप ‘हबल’ का इस्तेमाल किया था. हबल अंतरिक्ष दूरदर्शी (Hubble Space Telescope) वास्तव में एक खगोलीय दूरदर्शी है जो अंतरिक्ष में कृत्रिम उपग्रह के रूप में स्थित है. इसे 25 अप्रैल सन् 1990 में अमेरिकी अंतरिक्ष यान डिस्कवरी की मदद से इसकी कक्षा में स्थापित किया गया था. हबल स्पेस टेलिस्कोप को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने यूरोपियन अंतरिक्ष एजेंसी के सहयोग से तैयार किया था. अमेरिकी खगोलविज्ञानी एडविन पोंवेल हबल के नाम पर इसे 'हबल’ नाम दिया गया है. यह नासा की प्रमुख वेधशालाओं में से एक है. यह एकमात्र स्पेस टेलिस्कोप है, जिसे अंतरिक्ष में ही सर्विसिंग के हिसाब से डिजाइन किया गया है.
इस अध्ययन का उद्देश्य गोल तारामंडल की आयु का पता लगाने के लिये इन तारों का इस्तेमाल करना था, लेकिन इस प्रक्रिया में शोधकर्त्ताओं को बौनी आकाशगंगा मिली. गौरतलब है कि बौनी आकाशगंगा में दूसरी आकाशगंगाओं की तुलना में काफी कम तारे होते हैं.

बौनी आकाशगंगाओं को उनके छोटे आकार, धूमिल, धूल की कमी आदि द्वारा परिभाषित किया जाता है. इनमें पुराने तारे मौजूद होते हैं. इस प्रकार की 36 आकाशगंगाएँ पहले से ही ज्ञात हैं जो आकाशगंगा के स्थानीय समूह में मौजूद हैं, जिनमें से 22 अपनी मिल्की वे की उपग्रह आकाशगंगाएँ हैं. तारों की विशेषताओं का अध्ययन करने के बाद शोधकर्ताओं ने इस आकाशगंगा की उम्र पता की है उन्होंने बताया कि यह बौनी आकाशगंगा लगभग 1300 करोड़ वर्ष पुरानी है. अर्थात यह लगभग उतनी ही पुरानी है जितना ब्रह्मांड पुराना है. वैज्ञानिकों का मानना है कि शुरुआत में ही यह अन्य आकाशगंगाओं से दूर हो गई होंगी और इसका विकास नहीं हुआ होगा. वैज्ञानिकों का मानना है कि यहां पर जीवन की संभावना बेहद कम है.

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