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25 February 2019

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 फरवरी 2019 को देश का पहला राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने पूर्व सैनिकों को भी संबोधित किया. नई दिल्ली में इंडिया गेट के पास राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, उन जवानों के लिए एक श्रद्धांजलि है, जिन्होंने आजादी के बाद देश की रक्षा के लिए अपना जीवन का बलिदान दिया. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में, एक अत्याधुनिक विश्व स्तरीय स्मारक के रूप में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का अपना विज़न प्रस्तुत किया था. इंडिया गेट के पास 40 एकड़ में बने इस युद्ध स्मारक की लागत 176 करोड़ रुपये आई है और यह रिकार्ड एक साल में बनकर पूरा हुआ है.

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज एक औपचारिक समारोह के दौरान राष्ट्र को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक समर्पित किया. उद्घाटन से पहले सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन किया गया. इसके बाद प्रधानमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित इसका उद्घाटन किया और वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. नई दिल्ली में इंडिया गेट के पास राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, हमारे जवानों के लिए एक उचित श्रद्धांजलि है, जिन्होंने आजादी के बाद देश की रक्षा के लिए अपना जीवन उत्सर्ग कर दिया. राष्ट्रीय युद्ध स्मारक उन सैनिकों का भी स्मरण करता है जिन्होंने शांतिवाहिनी मिशनों और अराजकता विरोधी अभियानों में सर्वोच्च बलिदान दिया था. यह मेमोरियल 20 एकड़ एरिया में फैला है. 

आज़ादी के बाद युद्धों और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान विभिन्न संकट की घड़ियों में जान देने वाले 26,000 सैनिकों के सम्मान में इंडिया गेट के ठीक सामने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) बनाया गया है. इसे 1947-48, 1961 में गोवा मुक्ति आंदोलन, 1962 में चीन से युद्ध, 1965 में पाक से जंग, 1971 में बांग्लादेश निर्माण, 1987 में सियाचिन, 1987-88 में श्रीलंका और 1999 में कारगिल में शहीद वाले सैनिकों के सम्मान में बनाया गया है. इस मेमोरियल में थल सेना, वायुसेना और नौसेना के जवानों को एक साथ श्रद्धांजलि दी गई है. उन सभी वीर सैनिकों के नाम स्मारक में दर्ज हैं. इसकी 16 दीवारों पर 25,942 योद्धाओं का जिक्र किया गया है. ग्रेनाइट पत्थरों पर योद्धाओं के नाम, रैंक व रेजिमेंट का उल्लेख किया गया है. मुख्य संरचना को चार चक्रों के रूप में बनाया गया है, जिनमें से प्रत्येक सशस्त्र बलों के विभिन्न मूल्यों को दर्शाता है. इसे चक्रव्यूह की संरचना से प्रेरणा लेते हुए बनाया गया है.

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के विन्यास में चार संकेंद्री वृत्त शामिल हैं, जिनके नाम हैं 'अमर चक्र', 'वीरता चक्र', 'त्याग चक्र' और 'रक्षक चक्र'. राष्ट्रीय युद्ध स्मारक परिसर में एक केंद्रीय चतुष्कोण स्तंभ, एक शाश्वत लौ, और भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना द्वारा लड़ी गई प्रसिद्ध लड़ाइयों को दर्शाती छह कांस्य भित्ति चित्र शामिल हैं. परम वीर चक्र के 21 पुरस्कार विजेताओं की अर्धप्रतिमा परम योद्धा स्टाल पर लगाई गई हैं, जिसमें तीन जीवित पुरस्कार विजेता सूबेदार (मानद कैप्टन) बाना सिंह (सेवानिवृत्त), सूबेदार मेजर योगेंद्र सिंह यादव और सूबेदार संजय कुमार शामिल हैं. राष्ट्रीय युद्ध स्मारक शहीदों को उचित श्रद्धांजलि देने के लिए एक कृतज्ञ राष्ट्र की सामूहिक आकांक्षा की परिणति का प्रतिनिधित्व करता है.

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