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22 February 2019

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला सियोल शांति पुरस्कार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दक्षिण कोरिया में सियोल शांति पुरस्कार 2018 से नवाज़ा गया है. पीएम मोदी यह सम्‍मान पाने वाले पहले भारतीय हैं. प्रधानमंत्री मोदी को उनकी आर्थिक नीतियों और विकासोन्‍मुखी कार्यों के लिए यह सम्‍मान दिया गया है. पीएम मोदी ने इसे 130 करोड़ भारतीयों का सम्मान बताया है. पीएम मोदी से पहले यह पुरस्‍कार संयुक्‍त राष्‍ट्र के पूर्व महासचिवों कोफी अन्‍नान और बान की-मून को भी मिल चुका है. पुरस्कार समिति ने भारत में अमीर और गरीब के बीच के सामाजिक और आर्थिक अंतर को कम करने के लिए उनकी 'मोदीनॉमिक्स' को सराहा है. सियोल शांति पुरस्कार सांस्कृतिक फाउंडेशन के चेयरमैन क्वॉन ई-हायोक की अध्यक्षता में सियोल के जंग-यू में हुई चयन समिति की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया था. 

चयन समिति के अध्यक्ष चोइ चुंग-हो ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चयन भारत के 1.35 अरब लोगों का जीवन सुधारने की खातिर उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों के लिए किया गया है. उन्होंने लोक कल्याण के क्षेत्र में सुधार के लिए कई देशों के साथ आर्थिक संबंध स्थापित किए हैं. मोदी विश्व शांति और एशिया पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता के लिए बड़ा योगदान कर रहे हैं. वह कूटनीति के जरिये अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा दे रहे हैं. पुरस्कार चयन समिति ने प्रधानमंत्री मोदी को इस पुरस्कार के लिए 'उत्तम प्रत्याशी' बताया है. मोदी इस पुस्कार को पाने वाले 14वें शख्स हैं. समिति ने पीएम मोदी को सक्रिय विदेश नीति के जरिये वैश्विक और विश्व शांति में योगदान का श्रेय भी दिया है. समिति ने खास तौर पर 'मोदी डॉक्टरेन' और 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' की जिक्र किया है.

सियोल शांति पुरस्कार: वर्ष 1990 में सियोल में आयोजित 24वें ओलंपिक खेलों के समापन के बाद सियोल शांति पुरस्कार की स्थापना की गई थी. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के पूर्व अध्यक्ष जुआन एंटोनियो समरंच को सबसे पहले इस सम्मान से नवाजा गया था. यह पुरस्‍कार मानवता के कल्‍याण और विश्व शांति के लिए योगदान देने वाले व्‍यक्तियों को प्रत्‍येक दो वर्ष में एक बार दिया जाता है. यह पुरस्‍कार कोरियाई लोगों को देश और दुनिया में शांति बनाए रखने की इच्‍छा का प्रतीक है. इस पुरस्कार में, पुरस्कृत व्यक्ति को एक डिप्लोमा, एक पट्टिका और यूएस $ 200, 000 का मानदेय मिलता है. प्रधानमंत्री मोदी ने सियोल शांति पुरस्‍कार के तहत मिलने वाली 200,000 डॉलर की राशि नमामि गंगे परियोजना के लिए देने की बात कही.


सियोल शांति पुरस्कार के लिए चयन: बारह सदस्यीय चयन समिति ने दुनिया भर के 100 से ज्यादा प्रत्याशियों के बीच से एक कड़ी, उद्देश्यपरक और गहन मंत्रणा के बाद विजेता का चुनाव करता है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध कोरियाई और राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, एथलेटिक, शैक्षणिक और अन्य क्षेत्रों में विदेशी हस्तियां शामिल होते हैं. पुरस्कार देने वाले समारोह के लिए नामित तिथि से तीन महीने पहले उम्मीदवारों को अपने नाम और उपलब्धियों को भरने के बाद फॉर्म वापस भेजना होता है. समिति के सदस्यों द्वारा एक वोट के माध्यम से पुरस्कार के लिए व्यक्ति विशेष को चयनित किया जाता है.गौरतलब है कि सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा पर्यावरण सम्मान भी दिया गया था. संयुक्त राष्ट्र ने मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों को संयुक्त रूप से 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ' अवॉर्ड से सम्मानित किया था.

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