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28 February 2019

रेलवे ने शुरू की नई सेवा, अब ऑनलाइन देख सकेंगे ट्रेन की खाली सीटें

भारतीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने 27 फरवरी 2019 को ट्रेन चार्ट और खाली बर्थों की जानकारी के लिए एक नई सुविधा को लांच किये हैं. यात्री आरक्षण चार्ट के आधार पर ट्रेन में उपलब्ध खाली बर्थों की जानकारी आईआरसीटीसी वेबसाइट पर उपलब्ध होगी. इससे यात्रियों को चार्ट तैयार होने के बाद खाली बर्थों की जानकारी मिलेगी. रेलवे ने बुकिंग के दौरान सीटें देखने के लिए ऑनलाइन चार्ट की शुरुआत की है. इससे अब यात्रियों को टिकट बुक करते समय सीटों के बारे में पहले से जानकारी मिल सकेगी.

रेलवे की इस नई शुरुआत से अब उपभोक्ता अपने अनुकूल सीटों को पाने के लिए ऑनलाइन चार्ट पर ग्राफिक्स के जरिये से कोच और सीटों का चयन कर सकेंगे. यात्री ट्रेन प्रारंभ होने के स्टेशन के साथ-साथ यात्रा के दौरान आने वाले स्टेशनों के खाली बर्थों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. यात्री खाली बर्थ की जानकारी का उपयोग ऑनलाइन या टीटीई से टिकट बुकिंग के लिए कर सकते है. यह सुविधा वेबसाइट और मोबाइल दोनों पर उपलब्ध है. यह रेलवे आरक्षण की पूरी प्रक्रिया को और भी पारदर्शी बनाएगा. रेलमंत्री ने बताया कि यह प्रणाली अब सभी ट्रेनों में उपलब्ध है.

यह किसी एयरलाइन में टिकट बुक करने की तरह ही है. इस नई सुविधा में रेलवे के आरक्षण चार्ट में खाली सीटों को ग्राफिक्स के माध्यम से अलग-अलग रंगों में दिखाया जाएगा. यह प्रणाली भारतीय रेलवे की आरक्षित ट्रेनों में प्रयुक्त 9 श्रेणी के कोच लेआउट को प्रदर्शित करती है और 120 से अधिक विभिन्न कोच लेआउट को शामिल किया गया है. यात्री आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर यह भी पता लगा सकेंगे कि स्लिपर या एसी के कोच में कौन सी सीट खाली है. इसके अलावा पैसेंजर को ऑनलाइन यह भी जानकारी मिलेगी कि कौन-कौन सी सीटें आंशिक रूप से खाली हैं. इस सुविधा के शुरू होने से यात्रियों को अब टीटीई को तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी. रेलवे ने इस सुविधा को पारदर्शिता सुनिश्चित करने के मकसद से शुरू किया है.

इस प्रयास का मुख्य लक्ष्य आरक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है. यात्री दूसरा चार्ट बनने के बाद भी उपलब्ध खाली बर्थों की जानकारी प्राप्त कर सकते है. 20 दिनों के पश्चात सभी राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में दूसरा चार्ट बनने के बाद भी टिकट बुकिंग की सुविधा दी जाएगी. रेल मंत्री ने आईआरसीटीसी के 30 किचन बेस तैयार करने की घोषणा को दोहराते हुए कहा कि किचन में लगे कैमरों के जरिए यात्रियों की नजर रहेगी, जहां से भोजन की गुणवत्ता को कायम रखने के लिए उसे पर्यावरण अनुकूल पैकिंग में उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है. भुगतान हेतु टीटीई और कैटरिंग स्टॉफ को पीओएस मशीनें भी दी जा रही हैं.

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