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21 February 2019

पूर्व न्यायाधीश डी.के. जैन को बीसीसीआई का पहला लोकपाल नियुक्त किया गया

उच्चतम न्यायालय ने 21 फरवरी 2019 को शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश डी. के. जैन को भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड का प्रथम लोकपाल नियुक्त किया. न्यायमूर्ति एस. ए. बोबडे और न्यायमूर्ति ए. एम. सप्रे की पीठ ने उनकी नियुक्ति के बारे में फैसला सुनाया. पीठ द्वारा जारी बयान में कहा गया, "हमें खुशी है कि संबंधित पक्षों की सहमति और सुझावों के माध्यम से पूर्व न्यायाधीश डी. के. जैन को भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड का लोकपाल नियुक्त करने पर सहमति हो गयी है." पीठ ने कहा कि तद्नुसार हम न्यायमूर्ति जैन (सेवानिवृत्त) को भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड का प्रथम लोकपाल नियुक्त कर रहे हैं.

भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के लोकपाल पद पर नियुक्ति के लिये पीठ के समक्ष सीलबंद लिफाफे में शीर्ष अदालत के छह सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के नाम पेश किये गये थे. इस मामले में न्याय मित्र की भूमिका निभा रहे पी एस नरसिम्हा ने लोकपाल पद के लिये संभावित नामों की सूची पीठ को उपलबध करायी थी. पीठ को बताया गया कि लोकपाल की भूमिका राज्य क्रिकेट एसोसिएशनों में खिलाड़ियों से संबंधित विवादों और वित्तीय मसलों को सुलझाने की होगी. शीर्ष अदालत ने 09 अगस्त, 2018 को अपने फैसले में भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के लिये लोकपाल नियुक्त करने की सिफारिश की थी. नरसिम्हा ने मामले की सुनवाई के दौरान पीठ को बताया कि यदि बोर्ड में पहले से लोकपाल होता तो हाल ही में दो खिलाड़ियों हार्दिक पाण्ड्या और के एल राहुल से जुड़ा विवाद प्राथमिकता के आधार पर सुलझा लिया गया होता.

सुप्रीम कोर्ट ने लोकपाल पर खोज समिति के लिए देश के पहले लोकपाल की नियुक्ति हेतु नामों के पैनल की सिफारिश करने की समय सीमा फरवरी के अंत तक निर्धारित की थी. खोज समिति की प्रमुख सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई हैं. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र को निर्देश दिया था कि खोज समिति को आवश्यक सुविधाएं और श्रमबल मुहैया कराया जाए, ताकि वह अपना काम पूरा कर सके. केंद्र सरकार ने 27 सितंबर 2018 को न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय खोज समिति का गठन किया था. इस समिति को लोकपाल की नियुक्ति के लिए चयन समिति के पास नामों की अनुशंसा भेजना था.

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