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04 February 2019

अमेरिका और रूस ने आईएनएफ संधि से खुद को अलग करने की घोषणा की

शीत युद्ध के जमाने की एक महत्वपूर्ण मिसाइल संधि से अमेरिका के पीछे हटने की घोषणा के एक दिन बाद 2 फरवरी को रूस भी इससे अलग होने का ऐलान कर दिया. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि उनका देश भी इस प्रमुख संधि से खुद को अलग कर रहा है. उन्होंने 'मध्यम दूरी की मारक क्षमता वाली परमाणु बल संधि' (INF) पर कहा, 'हमारे अमेरिकी साझेदारों ने समझौते में अपनी भागीदारी को स्थगित करने की घोषणा की है और हम भी अपनी भागीदारी स्थगित कर रहे हैं.' पुतिन ने विदेश मंत्री सर्गेई लवरोव और रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ बैठक के दौरान कहा कि रूस अब निस्त्रीकरण पर अमेरिका के साथ बातचीत की पहल नहीं करेगा. राष्ट्रपति ने कहा, 'हम तब तक प्रतीक्षा करेंगे जब तक हमारा साझेदार इस महत्वपूर्ण विषय पर हमारे साथ समान और सार्थक वार्ता करने के लिए पर्याप्त परिपक्व नहीं हो जाता.' 

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा था कि उनका देश आईएनएफ संधि के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को स्थगित कर रहा है और 6 महीने में इससे अलग होने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है. अमेरिका ने कहा कि रूस की मध्यम दूरी की मिसाइल प्रणाली ने आईएनएफ संधि का उल्लंघन किया है. लेकिन रूस कहता आ रहा है कि वह संधि का उल्लंघन नहीं करता है. पिछले महीने उसने विवादित हथियार प्रणाली पर जानकारी देने के लिए पत्रकारों और विदेशी सैन्य अधिकारियों को आमंत्रित किया था.

पुतिन ने अतीत में धमकी दी थी कि अगर आईएनएफ को रद्द किया जाता है तो रूस इस संधि के तहत प्रतिबंधित परमाणु मिसाइल को विकसित करेगा. पुतिन ने यह भी कहा है कि यह संधि तोड़ने के बाद अगर अमेरिका यूरोप में अधिक मिसाइलें लगाने के लिए कदम उठाता है तो रूस भी उसी तरह से जवाब देगा और अगर यूरोप का कोई भी देश अपने यहां अमेरिकी मिसाइलें लगाने के लिए सहमति देता है तो उसपर रूसी हमले का खतरा मंडराएगा. अब इस संधि के समाप्त होने से रूस और अमेरिका के संबधों में सैन्य मधुरता आने में अधिक वक्त लग सकता है. दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को सुधारने के लिए विश्व को कोई नया विकल्प तलाशना होगा.

यह संधि वर्ष 1987 में तत्कालीन सोवियत संघ के राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव और अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन द्वारा की गई थी. इंटरमीडिएट रेंज न्यूक्लियर फोर्सेज़ (आईएनएफ) एक ऐसा समूह है जो जमीन से मार करने वाली मध्यम दूरी की मिसाइलों के परीक्षण और तैनाती को रोकता है. इन मिसाइलों की रेंज 500 से 5500 किलोमीटर तक होती है. इस संधि पर दोनों देशों ने शीतयुद्ध की समाप्ति पर हस्ताक्षर किये थे. दूसरे विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद 1945 से 1989 के दौरान अमेरिका और सोवियत संघ के बीच शत्रुतापूर्ण संबंधों के कारण पूरी दुनिया में युद्ध की आशंका गहरा गई थी. इस संधि के तहत 1991 तक क़रीब 2,700 मिसाइलों को नष्ट किया जा चुका है. दोनों देश एक-दूसरे की मिसाइलों के परीक्षण और तैनाती पर नज़र रखने की अनुमति देते हैं.
2007 में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा था कि इस संधि से उनके हितों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है. रूस की यह टिप्पणी 2002 में अमेरिका के एंटी बैलिस्टिक मिसाइल संधि से बाहर होने के बाद आई थी.

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