मासिक करेंट अफेयर्स

11 February 2019

अबू धाबी में हिंदी बनी न्यायालय की तीसरी आधिकारिक भाषा

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी में न्यायालय में इस्तेमाल के लिए अंग्रेज़ी और अरबी के अलावा हिंदी तीसरी आधिकारिक भाषा बन गई है. न्याय तक पहुंच बढ़ाने के लिहाज से यह कदम उठाया गया है. अबू धाबी न्याय विभाग (एडीजेडी) ने 09 फरवरी 2019 को कहा कि उसने श्रम मामलों में अरबी और अंग्रेजी के साथ हिंदी भाषा को शामिल करके अदालतों के समक्ष दावों के बयान के लिए भाषा के माध्यम का विस्तार कर दिया है. इस कदम से हिंदी भाषियों को मुकदमे की प्रक्रिया, अपने अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जानने में मदद मिलेगी.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात की आबादी का करीब दो तिहाई हिस्सा विदेशों के प्रवासी लोग हैं. संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय लोगों की संख्या 26 लाख है जो देश की कुल आबादी का 30 फीसदी है और यह देश का सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है. हिंदी भाषियों को अबू धाबी न्यायिक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है. एडीजेडी के अवर सचिव युसूफ सईद अल अब्री ने कहा कि दावा शीट, शिकायतों और अनुरोधों के लिए बहुभाषा लागू करने का मकसद प्लान 2021 की तर्ज पर न्यायिक सेवाओं को बढ़ावा देना और मुकदमे की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है. द्विभाषी कानूनी व्यवस्था का पहला चरण नवंबर 2018 में लॉन्च किया गया था, इसके तहत सिविल और वाणिज्यिक मामलों में अगर वादी विदेशी हो तो अभियोगी केस के दस्तावेजों का अंग्रेजी में अनुवाद करना होता है.

दुनिया में ऐसे कई देश हैं, जहां हिंदी को काफी मान-सम्मान दिया गया है: फिजी में सरकारी कामकाज के लिए चार भाषाओं का उपयोग किया जाता है, उनमें हिंदी का नाम भी शामिल है. बता दें कि फिजी में भारतीयों की संख्या करीब 3 लाख से अधिक है और यह आकड़ा देश की कुल आबादी का 33 फीसदी है. भारत के अलावा नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका और मॉरिशस में हिंदी बोली जाती है. हालांकि, यह भाषा यहां के सरकारी कामकाज के लिए उपयोग नहीं किया जाता है. भारत के अलावा अमेरिका, रूस और जापान समेत विश्व के 40 देशों के 600 से भी ज्यादा यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में हिंदी पढ़ाई जाती है.

प्रतिवर्ष विश्वभर में 'हिंदी दिवस' 14 सितंबर को मनाया जाता हैं. हिंदी भाषा जिसे ना सिर्फ इसे जानने वाले पसंद करते हैं बल्कि विदेशी भी इस भाषा से खासा लगाव रखते हैं. हिंदी भाषा को ऐसी कड़ी माना जाता है जो भारत को किसी भी देश के साथ आसानी से जोड़ने का काम करती है. गौरतलब है कि 14 सितंबर 1949 को हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला था उसी समय से प्रत्येक वर्ष यह दिन 'हिंदी दिवस' के रूप में मनाया जाता है.

No comments:

Post a comment