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12 February 2019

भारतीय इतिहासकार संजय सुब्रमण्यम इज़राइल के डेन डेविड पुरस्कार हेतु चयनित

भारतीय इतिहासकार संजय सुब्रमण्यम को इज़राइल के प्रतिष्ठित डेन डेविड पुरस्कार के लिए चुना गया है. चयनकर्ताओं का मानना है कि संजय सुब्रमण्यम के अपने काम से इतिहास के क्षेत्र में विश्व में महत्वपूर्ण योगदान दिया है इसलिए डेन डेविड पुरस्कार के लिए उनका चयन किया गया है. प्रारंभिक आधुनिक युग के दौरान एशियाई, यूरोपीय और उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका के लोगों के बीच अंतर-सांस्कृतिक संपर्क पर काम के लिए उन्हें इस साल के डेव डेविड पुरस्कार के लिए चुना गया है. स्ट्रैटिजिक एनालिस्ट के. सुब्रमण्यम के बेटे और पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर के भाई संजय ने वृहत इतिहास में अपने काम के लिए ‘अतीतकालीन आयाम’ श्रेणी में यह अवॉर्ड जीता है.

इस इज़रायली अवार्ड के साथ इतिहासकारों को 10 लाख अमेरिकी डॉलर भी दिए जाएंगे. इज़रायल के इस डेन डेविड पुरस्कार से विश्वभर के उन लोगों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने विज्ञान, टेक्नोलॉजी और मानवतावाद के क्षेत्र में काफी अहम उपलब्धियों हासिल की हों. उनके साथ इस श्रेणी में एक और इतिहासकार को भी डेव डेविड पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है. संजय सुब्रमण्यम अपने अवार्ड को शिकागो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर केनेथ पोमेरांज के साथ साझा करेंगे. 

वर्ष 2000 में 100 मिलियन डॉलर की राशि के साथ इज़राइली बिजनेसमैन एवं समाजसेवी डेन डेविड द्वारा डेन डेविड फाउंडेशन की शुरुआत की गई. इस संस्था के सह-संस्थापक एवं पहले निदेशक प्रोफेसर गैडबर्ज़िलाई थे. यह फाउंडेशन तथा तेल अवीव यूनिवर्सिटी मिलकर प्रत्येक वर्ष पुरस्कार प्रदान करते हैं. पहला पुरस्कार वितरण समारोह तेल अवीव यूनिवर्सिटी में मई 2002 में हुआ था. डेन डेविड पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिया जाता है – भूतकाल, वर्तमान तथा भविष्यकाल. वर्ष 2002 में दिए गये पहले तीन पुरस्कार थे – वारबर्ग लाइब्रेरी (भूतकाल), डेनियल हिल्स (वर्तमान) एवं सिडनी ब्रेनर एवं रोबर्ट वाटरस्टन (भविष्य). यह पुरस्कार अभिनव एवं अतुल्नीय शोध कार्य पर दिया जाता है.

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