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07 March 2019

स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2019: इंदौर लगातार तीसरे वर्ष पहले स्थान पर

राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने 06 मार्च 2019 को मध्यप्रदेश के इंदौर शहर को स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया. इंदौर को लगातार तीसरे वर्ष यह पुरस्कार प्राप्त हुआ है. इन पुरस्कारों की स्थापना केंद्र सरकार के आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की पहल पर की गई है. स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 के तहत कुल 70 श्रेणियों में पुरस्कार दिए गये. सबसे स्वच्छ शहर के साथ ही स्टार रैकिंग और ज़ीरो वेस्ट मैनेजमेंट का पुरस्कार भी इंदौर को मिला. वहीं, मध्यप्रदेश को कुल 19 पुरस्कार मिले हैं.

इंदौर को जहां भारत का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया वहीं भोपाल सबसे स्वच्छ राजधानी चुनी गई. इसके अलावा 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में अहमदाबाद और पांच लाख से कम आबादी वाले शहरों में उज्जैन पहले स्थान पर हैं. दिल्ली छावनी को भारत की सबसे स्वच्छ छावनी चुना गया. स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में भारत के शीर्ष 3 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकारी राज्यों में छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र उभरे हैं. दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) क्षेत्र को 'सबसे साफ छोटा शहर' का पुरस्कार दिया गया. उत्तराखंड के गौचर को केंद्र सरकार के सर्वेक्षण में 'सर्वश्रेष्ठ गंगा टाउन' घोषित किया गया. स्टार रेटिंग में केवल इंदौर, अंबिकापुर और मैसूर को फाइव स्टार रेटिंग मिल सकी जबकि सेवन स्टार रेटिंग किसी शहर को नहीं दी गई क्योंकि शहरी विकास मंत्रालय चाहता है कि स्वच्छता के लिए देश के सभी शहर और काम करें.

स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 में 4237 शहरों का सर्वेक्षण 28 दिनों में किया गया. इस दौरान विभिन्न टीमों ने 64 लाख लोगों से बात की गई. साथ ही, सोशल मीडिया के माध्यम से इन शहरों के 4 करोड़ लोगों से फीडबैक लिया गया. टीम ने इन शहरों के 41 लाख फोटो एकत्रित किये थे. सर्वेक्षण में शामिल शहरों की तरफ से स्वच्छता के संदर्भ में 4.5 लाख पत्र अपलोड किए गए जिनके आधार पर सर्वश्रेष्ठ शहर को चुना गया है.

इंदौर भारत का पहला शहर है जहां 100 प्रतिशत कचरे की प्रोसेसिंग और बिल्डिंग मटेरियल और व्यर्थ निर्माण सामग्री का कलेक्शन और निपटान किया जा रहा है. इंदौर पहला शहर है जहां ट्रेंचिंग ग्राउंड को पूरी तरह खत्म कर वहां नए प्रयोग शुरू किए हैं. इंदौर में कूड़ा उठाने वाले वाहनों की देख-रेख के लिए जीपीएस, कंट्रोल रूम और 19 जोन की व्यवस्था की गई है. यह देश का पहला शहर है जहां 100 प्रतिशत लोगों के घरों से कचरा उठाकर सही स्थान पर उसका निपटान किया जाता है. इंदौर में 9 हजार से ज्यादा घरों में गीले कचरे से होम कम्पोस्टिंग का काम किया जा रहा है. इंदौर पहला शहर है जहां लाखों लोगों की मौजूदगी के दो जीरो वेस्ट इवेंट आयोजित किये गये.

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