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15 March 2019

भारत एवं अमेरिका भारत में संयुक्त रूप से 6 परमाणु उर्जा संयंत्र लगाने हेतु सहमत

भारत और अमेरिका के मध्य आयोजित सामरिक सुरक्षा वार्ता में 13 मार्च 2019 को भारत में छह परमाणु उर्जा संयंत्र लगाने के लिए सहमति जताई गई. दोनों देशों द्वारा यह निर्णय लिया गया कि वे सुरक्षा व असैन्य परमाणु सहयोग को मजबूत करने के लिए भारत में छह परमाणु उर्जा संयंत्र लगायेंगे. वॉशिंगटन में भारत और अमेरिका के बीच दो दिन तक हुई बातचीत के बाद इस पर सहमति व्यक्त की गई है. भारत की ओर से विदेश सचिव विजय गोखले और अमेरिका के स्टेट फॉर आर्म्स कंट्रोल एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी विभाग की अंडर सेक्रेटरी एंड्रिया थॉम्पसन ने इस चर्चा में भाग लिया था.

संयुक्त रणनीतिक वार्ता के दौरान, दोनों पक्षों ने वैश्विक सुरक्षा और परमाणु हथियारों के अप्रसार की चुनौतियों जैसे विस्तृत मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया. इसके अतिरिक्त सामूहिक विनाश के हथियारों और उनके वितरण प्रणालियों के प्रसार को रोकने और ऐसे हथियारों तक आतंकियों तथा अनैतिक हाथों में पहुंचने से रोकने हेतु अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की. दोनों राष्ट्रों ने द्विपक्षीय सुरक्षा और असैन्य परमाणु सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की, जिसमें भारत में छह अमेरिकी परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना शामिल है. अमेरिका ने 48 सदस्यीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की प्रारंभिक सदस्यता के अपने मजबूत समर्थन की भी पुष्टि की.

इससे पहले 12 मार्च 2019 को, भारत-अमेरिका अंतरिक्ष वार्ता का तीसरा दौर आयोजित किया गया था, जिसकी अध्यक्षता भारत के निरस्त्रीकरण और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के लिए अतिरिक्त सचिव इंद्रा मणि पांडे और यूएस असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट फॉर आर्म्स कंट्रोल, वेरिफिकेशन एंड कंप्लायंस येलम डीएस पोबले शामिल थे. दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने अंतरिक्ष के खतरों, संबंधित राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्राथमिकताओं और द्विपक्षीय तथा बहुपक्षीय मंच में आपसी सहयोग के अवसरों पर चर्चा की.

पृष्ठभूमि: भारत और अमेरिका ने अक्टूबर 2008 में असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग करने के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इस सौदे ने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा दिया, जो आज तक बरकरार है. सौदे का एक प्रमुख पहलू परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) था जिसने भारत को एक विशेष छूट दी जिससे वह कई देशों के साथ असैन्य परमाणु सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकता है. छूट के बाद, भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, कनाडा, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, जापान, वियतनाम, बांग्लादेश, कजाकिस्तान और दक्षिण कोरिया के साथ असैन्य परमाणु सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं.

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