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06 March 2019

वायु प्रदूषण से हर साल 70 लाख लोगों की मौत: यूएन रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट के अनुसार, घर के अंदर और बाहर होने वाले वायु प्रदूषण के कारण दुनियाभर में हर साल करीब 70 लाख लोगों की मौत समय से पहले हो जाती है जिनमें 6 लाख बच्चे भी शामिल हैं. दुनिया में तेजी से बढ़ता वायु प्रदूषण जानलेवा हो गया है. दुनिया की बड़ी आबादी दूषित आबोहवा में सांस लेने को विवश है. रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की करीब छह अरब आबादी दूषित आबोहवा में सांस ले रही है जिससे उनकी जिंदगी और सेहत खतरे में पड़ गई है. इसमें एक तिहाई बच्चे भी हैं. रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में प्रदूषित हवा में सांस लेने के कारण हर घंटे करीब 800 लोगों की मौत हो रही है. दुनियाभर में वायु प्रदुषण के कारण कैंसर, सांस संबंधी बीमारी या दिल की बीमारी से मर रहे हैं जो प्रत्यक्ष तौर पर प्रदूषित हवा में सांस लेने के कारण होती है.

रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण एक ऐसी समस्या है, जिसे रोका जा सकता है. इसके लिए उन्हें स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के लिए कानूनी दायित्वों को निभाने का आग्रह किया जाना चाहिये. रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदुषण को दूर करने हेतु वायु गुणवत्ता एवं मानव स्वास्थ्य पर उसके प्रभावों की निगरानी, वायु प्रदूषण के स्रोतों का आंकलन और जन स्वास्थ्य परामर्शों समेत अन्य सूचनाओं को सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध कराना शामिल है. वायु प्रदूषण हर जगह है. इसके प्रमुख कारणों में बिजली के लिए जीवाश्म ईधन जलाना, परिवहन और औद्योगिक गतिविधियां के अलावा खराब कचरा प्रबंधन और कृषि संबंधी कार्य हैं.


संयुक्त राष्ट्र के बारे में: संयुक्त राष्ट्र (यूएन) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है. इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय कानून को सुविधाजनक बनाने के सहयोग, अन्तर्राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, मानव अधिकार और विश्व शांति के लिए कार्यरत है. संयुक्त राष्ट्र की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र अधिकारपत्र पर 50 देशों के हस्ताक्षर होने के साथ हुई. वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र में 193 देश है, विश्व के लगभग सारे अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त देश हैं. इस संस्था की संरचन में आम सभा, सुरक्षा परिषद, आर्थिक व सामाजिक परिषद, सचिवालय और अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय सम्मिलित है.

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