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13 March 2019

डॉ. ए. के. मोहंती ने बीएआरसी के निदेशक का पद संभाला

प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. ए. के. मोहंती ने 12 मार्च 2019 को भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) के निदेशक के रूप में पदभार ग्रहण किया. मोहंती पहले इस संस्थान के भौतिकी समूह के निदेशक थे. मोहंती को तीन साल की अवधि के लिये केंद्र का निदेशक नियुक्त किया गया है. डॉ. मोहंती ने परमाणु ऊर्जा विभाग के अध्‍यक्ष और सचिव के. एन. व्‍यास के स्‍थान पर यह पद संभाला है. मोहंती कोलकाता में साहा इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स के निदेशक भी हैं.

डॉ. मोहंती ने बीएआरसी प्रशिक्षण स्‍कूल के 26वें बैच से स्‍नातक किया और वर्ष 1983 में भाभा परमाणु अनुसंधान केन्‍द्र के परमाणु भौतिकी डिवीजन में शामिल हो गए. पिछले 36 वर्षों के दौरान डॉ. मोहंती ने परमाणु भौतिकी के अनेक क्षेत्रों में कार्य किया. डॉ. मोहंती को वर्ष 1988 में भारतीय भौतिकी सोसायटी का युवा वैज्ञानिक पुरस्‍कार, वर्ष 1991 में भारतीय राष्‍ट्रीय विज्ञान अकादमी द्वारा युवा भौतिक शास्‍त्री पुरस्‍कार और वर्ष 2001 में होमी भाभा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के परमाणु ऊर्जा विभाग से पुरस्‍कार मिल चुका है. बीएआरसी के निदेशक का पद भार संभालते हुए, डॉ. मोहंती ने भौतिकी समूह में अपने पूर्व अधिकारियों के प्रति आभार व्‍यक्‍त किया. जिन्‍होंने परमाणु भौतिकी के क्षेत्र में निम्‍न और उच्‍च ऊर्जा की बारीकियों को समझाने में मदद की.

भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र (बीएआरसी): भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र मुम्बई में स्थित है. यह भारत सरकार के परमाणु उर्जा विभाग के अन्तर्गत नाभिकिय विज्ञान एवं अभियांत्रिकी एवं अन्य संबन्धित क्षेत्रों का बहु-विषयी नाभीकीय अनुसंधान केन्द्र है. भारत का परमाणु कार्यक्रम डा॰ होमी जहांगीर भाभा के नेतृत्व में आरम्भ हुआ. परमाणु उर्जा आयोग के द्वारा 03 जनवरी 1953 को परमाणु उर्जा संस्थान के नाम से आरम्भ हुआ था और तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा 20 जनवरी 1957 को राष्ट्र को समर्पित किया गया. इसके बाद परमाणु उर्जा संस्थान को पुनर्निर्मित कर 12 जनवरी 1967 को इसका नया नाम भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र किया गया, जो कि 24 जनवरी 1966 में डा॰ भाभा की विमान दुर्घटना में आकस्मिक मृत्यु के लिये एक विनम्र श्रद्धांजलि थी.

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