मासिक करेंट अफेयर्स

05 March 2019

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 05 मार्च 2019 को गुजरात के गांधीनगर से 'प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना' का शुभारंभ किया. असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और मजदूरों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना की घोषणा फरवरी 2019 में अंतरिम बजट में की गई थी. इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को 3000 रुपये की मासिक पेंशन प्रदान करने का प्रावधान है. योजना से असंगठित क्षेत्र के 10 करोड़ श्रमिकों को लाभ मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना' का शुभारंभ कर 11,51,000 लाभार्थियों तक 13,58,31,918 रुपये की धनराशि सीधे पेंशन खातों में ट्रांसफर की. राष्ट्रीय सैंपल सर्वे संगठन (एनएसएसओ) के आंकड़ों के मुताबिक देश में 40 करोड़ से ज्यादा मजदूर असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं. इनमें से आधे से भी ज्यादा मजदूर कृषि क्षेत्र में काम करते हैं. करीब पांच करोड़ लोग भवन निर्माण क्षेत्र में काम कर रहे हैं.

इस योजना के अंतर्गत रिक्शा-ठेला चलाने वाले, फेरी लगा कर सामान बेचने वाले, दिहाड़ी मजदूरी करने वाले, घरों में काम करने वाली जैसे असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को 60 साल के बाद 3000 रुपये की मासिक पेंशन देने की योजना है. श्रम मंत्रालय के मुताबिक 18 साल से 40 साल तक के कामगार इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद रजिस्टर्ड व्यक्ति को तीन हजार रुपए की पेंशन हर महीने मिलेगी. इस योजना का फायदा ऐसे मजदूरों को मिलेगा जिनकी मासिक आमदनी 15 हजार रुपये से कम है. यानी, ऐसे लोग जो मासिक आधार पर 15 हजार से कम कमा पाते हैं, उनको इस दायरे में लाया जाएगा. अगर कोई 18 साल की उम्र में इससे जुड़ता है तो उसे हर महीने सिर्फ 55 रुपए जमा करते हैं वहीं 40 साल के व्यक्ति को हर महीने 200 रुपए की रकम जमा करनी होगी. 29 साल की उम्र वाले को इस योजना से जुड़ने के लिए 100 रुपए प्रति महिना जमा करवाने होंगे. यह रकम 60 साल की उम्र तक देनी है.

इनमें मजदूरों को हर महीने एक निश्चित राशि का प्रीमियम देना होगा. जितना प्रीमियम होगा, उतने रुपये की सब्सिडी सरकार की तरफ से भी दी जाएगी. इस योजना से जो भी व्यक्ति जुड़ेगा उसके पास आधार कार्ड और बैंक में अकाउंट होना जरूरी है. इस योजना के तहत, जो लोग राष्ट्रीय पेंशन योजना, कर्मचारी राज्य बीमा निगम योजना या फिर कर्मचारी भविष्य निधि योजना में आते हैं वो इसके पात्र नहीं होंगे. इनकम टैक्स भरने वाले भी अपात्र होंगे. इस स्कीम के लिए सरकार एक पेंशन फंड बनाएगी. इस फंड के जरिए ही सभी को पेंशन दी जाएगी. अगर किसी कामगार की योजना के दौरान निधन हो जाता है तो उसकी पत्नी स्कीम में योगदान देकर इसको जारी रख सकती है. यदि कामगार के निधन पर उसकी पत्नी या पति योजना से बाहर होना चाहता है तो वो उनकी दी गई कुल रकम पर ब्याज के साथ इसे वापस ले सकते हैं. यदि किसी की पेंशन शुरू हो गई है और उसके बाद उसका निधन होता है तो उसके पति या पत्नी का पेंशन की 50 फीसदी रकम मिलेगी.

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