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10 March 2019

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने संगीत निर्देशक डॉ. माधुरी बड़थ्वाल को नारी शक्ति पुरस्कार प्रदान किए

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने 08 मार्च 2019 को महिला सशक्तीकरण में विशेष योगदान करने के लिए 44 महिलाओं और संस्थानों को नारी शक्ति पुरस्कार 2018 प्रदान किये. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में देश में महिलाओं का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘नारी शक्ति पुरस्कार 2018’ प्रदान किये गये. यह पुरस्कार महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मान देने के लिए महिलाओं और संस्थानों को दिया जाता है जिन्होंने महिला सशक्तीकरण और सामाजिक कल्याण में उल्लेखनीय योगदान किया हो. इस वर्ष इन पुरस्कारों के लिए लगभग एक हजार नामांकन में से 44 महिलाओं और संस्थानों का चयन किया गया है.

केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्रालय महिला सशक्तीकरण और सामाजिक कल्याण के लिए अथक सेवा करने वाली महिलाओं और संस्थाओं को पुरस्कृत करता है. इस वर्ष नारी शक्ति पुरस्कार के लिए एक वन स्टॉप सेंटर और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बाल लिंग अनुपात सुधारने में उल्लेखनीय प्रगति दिखाने वाले एक राज्य को भी चुना गया है. वन स्टॉप सेंटर हिंसा से पीड़ित महिलाओं को आश्रय देने और उन्हें कानूनी सहायता प्रदान करने के केन्द्र के रूप में कार्य करता है.

सम्मानित होने वालों में श्यामल कुमारी, वनस्त्री, जयम्मा भंडारी, गार्गी गुप्ता, पंजाब सरकार, बेटी जिंदाबाद बेकरी, डॉ एस शिवा शेट्टी , शिरोम इंदिरा, उमला बलवंत आप्टे, एस टीमी, मित्तल पटेल, दीपिका कुरंजी, पी. बर्मन, अनिता भारद्वाज, डॉ भारती कश्यप शामिल हैं. वहीं, अंबिका बेरी, जी. मुल्खी, अर्णनया नेचुरलस, पुष्पा गिरिमाजी, अवनी ऑर्गनाइजेशन, शुजन, डॉ सीके दुर्गा, रेखा मिश्रा, टी कैरोल, महविश मुश्ताक, करुणा सोसाइटी, आईएनएसवी तारिणी, वन स्टॉप सेंटर रायपुर, मधु जैन, शीला बालाजी, डॉ मालविका अय्यर, डॉ एम एस सुनील, आर. उमादेवी नागराज, अनुराधा कृष्णमूर्ति और नम्रता सुदर्शन भी शामिल हैं.

नारी शक्ति पुरस्कार भारत का राष्ट्रीय सम्मान की एक श्रृंखला है, जो अपनी असाधारण उपलब्धि के लिए व्यक्तिगत महिलाओं को प्रदान किया जाता है. यह पुरस्कार महिलाओं और बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा छह श्रेणियों में दिया गया है. यह कठिन परिस्थितियों में एक महिला की हिम्मत की भावना को पहचानता है, जिसने अपने निजी या पेशेवर जीवन में साहस की भावना स्थापित की है. यह पुरस्कार महिलाओं के सशक्तिकरण और महिलाओं के मुद्दों को बढ़ाने में एक व्यक्ति के अग्रणी योगदान को भी पहचानता है. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्वारा प्रत्येक वर्ष नई दिल्ली में 8 मार्च को पुरस्कार प्रदान किया जाता है. इस पुरस्कार में एक लाख रुपये और एक प्रमाण पत्र दिया जाता है. नारी शक्ति पुरस्कार की शुरूआत वर्ष 1999 में हुई थी.

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