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23 April 2019

संतोष ट्रॉफी-2019: सर्विसेस ने छठी बार जीता राष्ट्रीय फुटबॉल चैंपियनशिप का खिताब

सर्विसेस ने दूसरे हाफ में बिकास थापा के शानदार गोल से मेजबान पंजाब को 21 अप्रैल 2019 को 1-0 से हराकर छठी बार संतोष ट्रॉफी के लिए राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता जीत ली. सर्विसेज ने सेमीफाइनल में कर्नाटक को 4-3 से पराजित किया, जबकि पंजाब ने सेमीफाइनल में गोवा को 2-1 से पराजित किया. गुरु नानक स्टेडियम में खेले गए खिताबी मुकाबले में मैच का एकमात्र महत्वपूर्ण गोल दूसरे हाफ में बिकास थापा ने किया. सर्विसेस ने फाइनल राउंड में अपराजित रहते हुए खिताब अपने नाम किया. सर्विसेस ने आखिरी बार संतोष ट्रॉफी फाइनल साल 2015 में खेला था और वह फाइनल इसी स्टेडियम में पंजाब के खिलाफ खेला गया था. सर्विसेस ने तब मुकाबला अतिरिक्त समय तक गोलरहित बराबर रहने के बाद पेनल्टी शूटआउट में 5-4 से जीता था.

संतोष ट्रॉफी: संतोष ट्रॉफी एक फुटबॉल प्रतियोगिता है. इंडियन फुटबाल एसोसिएशन ने वर्ष 1941 में संतोष ट्रॉफी फुटबॉल प्रतियोगिता की शुरुआत की थी. इसे राज्य एवं सरकारी संस्थाओं के बीच खेला जाता है. इस प्रतियोगिता का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है. इसमें 31 टीमें हिस्सा लेती हैं. स्वर्गीय मनमथा नाथ राय चौधरी ने महाराजा आफ संतोष जो कि अब (बांग्लादेश) क्षेत्र में पड़ता है, के नाम पर इसका नामकरण किया. इसे विजेता टीम को दिया जाता है. रनर अप को डॉ एस के गुप्ता की पत्नी की याद में आरंभ की गयी कमला गुप्ता ट्रॉफी दी जाती है. जबकि तीसरे स्थान पर रहने वाले को मैसूर फुटबॉल एसोसिएशन की ओर से संपंगी कप दिया जाता है. संपंगी मैसूर के प्रसिद्ध फुटबॉलर थे. इसमें क्षेत्रीय फुटबॉल संघ तथा सरकारी संस्थानों की टीमें हिस्सा लेती हैं. अब तक सबसे अधिक पश्चिम बंगाल ने 32 बार संतोष ट्रॉफी का खिताब जीता है.

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