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20 May 2019

डिजिटल भुगतान पर नंदन नीलेकणि पैनल ने आरबीआई को सौंपी रिपोर्ट

नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति ने डिजिटल भुगतान पर अपनी रिपोर्ट आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास को सौंप दी है. नीलेकणि के अतिरिक्त आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर एच.आर. खान और पूर्व इस्पात सचिव अरुणा शर्मा भी इस पांच सदस्यीय पैनल में थे. समिति ने विभिन्न हितधारकों से इस संबंध में विचार-विमर्श के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत की. इस समिति का मुख्य उद्देश्य देश में डिजिटलीकरण के जरिए वित्तीय समावेशन लाना और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने पर परामर्श देना था. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अब समिति की सिफारिशों की जांच करेगा और जरूरत के अनुसार क्रियान्वयन के लिये अपने भुगतान प्रणाली दृष्टिकोण 2021 में शामिल करेगा.

आरबीआई ने 08 जनवरी 2019 को नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया था. इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि को इस समिति का चेयरमैन नियुक्त किया गया था. नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में समिति को 90 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी. नंदन नीलेकणि को ही देश में आधार को लागू कराने का महत्वपूर्ण श्रेय जाता है. वे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के भी अध्यक्ष रह चुके हैं. नंदन नीलेकणि के अतिरिक्त समिति में भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व उप गवर्नर एचआर खान, विजया बैंक के पूर्व सीईओ किशोर सांसी, मिनिस्ट्री ऑफ इन्फोरमेशन के मुख्य सचिव अरुणा शर्मा, सीआईआईई के चीफ इनोवेशन ऑफिसर संजय जैन को शामिल किया गया था. 

पांच सदस्यों वाली इस समिति का मुख्य काम देश में डिजिटल पेमेंट को तेजी से आगे बढ़ाना है. यह समिति वित्तीय समावेशन में डिजिटल भुगतान के वर्तमान स्तर का भी आकलन करेगी. समिति डिजिटल भुगतान में तेजी लाकर अर्थव्यवस्था के डिजिटीकरण और वित्तीय समावेशन में तेजी लाने हेतु अपनाई जा सकने वाली विश्व भर की सर्वोत्तम प्रथाओं की पहचान करेगी. यह समिति डिजिटल भुगतान की सुरक्षा मजबूत करने के उपाय भी सुझाएगी.

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