मासिक करेंट अफेयर्स

09 May 2019

आधुनिक विधि शिक्षा के जनक एनआर माधव मेनन का निधन

आधुनिक विधि शिक्षा के जनक एन आर माधव मेनन का यहां एक अस्पताल में निधन हो गया. वह 84 साल के थे. वह पिछले एक सप्ताह से एक निजी अस्पताल में भर्ती थे. उनके परिवार में पत्नी और एक बेटा है. नीलकांत रामकृष्ण माधव मेनन का जन्म 1935 में हुआ था. केरल विश्वविद्यालय से उन्होंने बीएससी और बीएल की डिेग्री हासिल की. इससे बाद 1956 में 21 वर्ष की आयु में ही उन्होंने केरल उच्च न्यायालय में वकील के तौर खुद को पंजीकृत करा लिया था. पंजाब विश्वविद्यालय से एमए और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से एलएलएम और पीएचडी करने के बाद मेनन ने अध्यापन का कार्य शुरू किया और 1960 में एएमयू में फैकल्टी के तौर पर शामिल हुए.

वर्ष 1965 में उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय का रुख किया और प्रतिष्ठित कैम्पस लॉ सेंटर का नेतृत्व भी किया. 1986 में वह बार काउन्सिल ऑफ इंडिया के निमंत्रण पर एनएलएसआईयू स्थापित करने के लिये बेंगलुरू चले गए और 12 साल तक उसके संस्थापक कुलपति रहे. बाद में दिवंगत ज्योति बसु की अगुवाई वाली तत्कालीन पश्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें कोलकाता में भी एनएलएसआईयू की तरह का ही विधि स्कूल स्थापित करने के लिये उन्हें कोलकाता आमंत्रित किया. मेनन भोपाल की राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी के संस्थापक निदेशक भी थे. इंटरनेशनल बार एसोसिएशन ने 1994 में उन्हें ‘लीविंग लेजेंड ऑफ लॉ अवार्ड’ से सम्मानित भी किया. 

No comments:

Post a comment