25 June 2019

आरबीआई ने बैंकों के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए शिकायत प्रबंधन प्रणाली की शुरुआत की

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 24 जून 2019 को बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने और समय से उनका निवारण करने हेतु एक ऐप्लिकेशन पेश किया. केंद्रीय बैंक की वेबसाइट पर शिकायत प्रबंधन प्रणाली (सीएमएस) की शुरुआत की गई है. आरबीआई का इसके पीछे मकसद समय से शिकायतों को हल कर ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाना है. इस सिस्‍टम के लॉन्‍च होने के बाद बैंक ग्राहक की शिकायत को नजरअंदाज नहीं कर पाएंगे. उन्‍हें हर हाल में शिकायत पर कार्रवाई तय समय में करनी होगी. सीएमएस को डेस्कटॉप और मोबाइल दोनों पर इस्तेमाल किया जा सकता है. रिजर्व बैंक की योजना इसे जल्द ही एक प्रतिबद्ध आईवीआर (इंटरएक्टिव वॉयस रेस्पांस) प्रणाली से जोड़ने की भी है ताकि शिकायत की स्थिति को देखा जा सके.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले आदेश पर हस्ताक्षर किए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 जून 2019 को ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए. इन प्रतिबंधों से ईरान के सर्वोच्च नेता और अन्य अधिकारी अमेरिकी क्षेत्र में किसी भी बैंकिंग सुविधा के लाभ नहीं उठा पाएंगे. ईरान ने कहा था कि उसने 20 जून 2019 को क्षेत्र में अमेरिका के एक ड्रोन को मार गिराया गया है जिसके कुछ दिन बाद डोनाल्ड ट्रंप ने नए प्रतिबंध लगाने का कदम उठाया है. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ओवल दफ्तर में पत्रकारों के साथ संक्षिप्त बातचीत में कहा कि हम ईरान या किसी भी देश के साथ संघर्ष नहीं चाहते हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने जिस कार्यकारी आदेश पर

24 June 2019

RBI के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने इस्तीफा दिया

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के सबसे युवा डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने इस्तीफा दे दिया है. विरल आचार्य ने अपने निर्धारित कार्यकाल से छह महीने पहले इस्तीफा दे दिया है. आचार्य की नियुक्ति तीन साल के लिये हुई थी. विरल आचार्य को तीन साल के कार्यकाल के लिए 23 जनवरी 2017 को आरबीआई में शामिल किया गया था. उनका तीन साल का कार्यकाल जनवरी, 2020 में पूरा होना था. आपको बता दें कि इससे पहले आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने दिसंबर 2018 में निजी कारण बताते हुए अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया था.

21 June 2019

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

21 जून 2019 को अन्तराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया. हर साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जाता है. आमतौर योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए किया जाता है. योगा करने से मन को शांति मिलती है. योग की शुरूआत लगभग 5000 साल पहले हुई थी. योग की शुरूआत के दौरान इसका अभ्यास स्वस्थ और ताकतवर बने रहने के लिए किया जाता था. योग कई प्रकार का होता है जैसे- कर्म योग, राज योग, भक्ति योग, जन योग और हस्त योग. भारत में हस्त योग का अभ्यास कई आसनों के रूप में किया जाता है. आमतौर पर योगा डे लोगों को योग के फायदों के बारे में जागरूक करने के लिए मनाया जाता है. 

फिट और हेल्दी रहने के लिए योगा करना बेहद जरूरी होता है. रोजाना योगा करने से कई स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं. योगा करने से वजन कम होता है, इम्यूनिटी बूस्ट होता है, लचीलापन बढ़ता है, तनाव कम होता है इत्यादि. योग के सभी आसन को नियमित रूप से अभ्यास करना चाहिए. ऐसा करने से आपको मन की शांति मिलेगी और जीवन जीने की प्रेरणा भी मिलेगी. योग एक स्वस्थ जीवनशैली जीने की प्रेरणा देता है और तनावमुक्त रखने मे भी मदद करता है.

भारत में इसकी शुरूआत का प्रस्ताव प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया  था. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की मांग की थी और 27 सितंबर 2014 को यूएनजीए में भाषण देने के दौरान इस बात के बारे में जिक्र किया था. भारत के अलावा और भी कई देशों के नेताओं और अध्यात्मिक गुरुओं ने भी इस प्रस्ताव को सपोर्ट किया था. इसमें ईशा फाउंडेशन के सदगुरु महाराज और आर्ट ऑफ लिविंग के श्री श्री रवि शंकर शामिल हैं. योग के लाभ और महत्व को जानने के बाद कई लोग इसे अपनी रोजाना कि जिंदगी का हिस्सा बना चुकें हैं. प्रथम बार विश्व योग दिवस के अवसर पर 192 देशों में योग का आयोजन किया गया जिसमें 47 मुस्लिम देश भी शामिल थे.