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29 July 2019

विश्व हेपेटाइटिस दिवस

पूरे विश्व में विश्व हेपेटाइटिस दिवस 28 जुलाई 2019 को मनाया गया. यह दिवस लोगों में इस बीमारी की रोकथाम, परीक्षण और उपचार के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है. हेपेटाइटिस से हरेक साल करीब 14 लाख लोगों की मृत्यु होती है. हेपेटाइटिस होने पर ये शरीर में विभिन्न तरह के दिक्कतों का भी कारण बनती है. हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी किये गए रिपोर्ट के अनुसार, पुरुषों में हेपेटाइटिस का असर उनकी फर्टिलिटी पर पड़ता है. भारत में हेपटाइटिस फैलने का मुख्य कारण मां से बच्चे में वायरस का संचारित होना है.

विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को हेपेटाइटिस के लिए जागरूक करना है. लोगों में जागरुकता न होने के कारण लोग सही समय पर हेपेटाइटिस का टीका नहीं लगवाते हैं, जिसके कारण यह बीमारी बढ़ती जाती है और एक खतरनाक रूप धारण कर लेती है. विश्व हेपेटाइटिस दिवस वर्ष 2019 का विषय हेपेटाइटिस उन्मूलन के निवेश करें है. इसमें सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के तहत साल 2030 तक वैश्विक स्तर पर हेपेटाइटिस उन्मूलन उद्देश्यों को प्राप्त करने हेतु ज़रूरी अधिक निवेश के नए अनुमान शामिल हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार, विश्वभर में 36 करोड़ से ज्यादा लोग हेपेटाइटिस के गंभीर वायरस से ग्रसित हैं. भारत में करीब चार करोड़ लोग इस वायरस के संक्रमण से ग्रसित हैं. ये सभी हेपेटाइटिस बी के वायरस से इंफेक्टेड हैं.

हेपेटाइटिस वायरस के काऱण होने वाली यह एक संक्रामक बीमारी है. यह बीमारी मनुष्य के साथ बंदरों की प्रजाति के लीवर को भी संक्रमित करती है, जिस कारण से लीवर में सूजन और जलन पैदा होती है. हेपेटाइटिस यकृत की सूजन है, जिसे यकृत के ऊतकों में सूजन वाली कोशिकाओं की मौजूदगी से पहचाना जाता हैं. हेपेटाइटिस के पांच प्रकार के होते हैं हेपेटाइटिस- ए, बी, सी, डी और ई. विश्व की जनसंख्या के एक तिहाई लोग हेपेटाइटिस वायरस से संक्रमित है. हेपेटाइटिस वायरस का संचरण संक्रमित रक्त या शरीर के तरल पदार्थ के संपर्क में जाने से होता है.

विश्व हेपेटाइटिस दिवस साल 2010 से मनाया जा रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा चिह्नित किए गए आठ वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियानों में से एक है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मई 2010 में एक प्रस्ताव पारित कर यह दिवस मनाने की घोषणा की थी. इससे पहले क्रोनिक वायरल हैपेटाइटिस के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विश्व हेपेटाइटिस एलायंस ने साल 2008 में अभियान चलाया था.

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