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02 October 2019

गांधी जयंती पर पीएम मोदी ने देश को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साबमती रिबरफ्रंट पर स्वच्छ भारत दिवस 2019 कार्यक्रम में देश को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देशवासियों के पुरुषार्थ की सफलता है, सरकार या पीएम की नहीं है. पीएम मोदी ने कहा कि आज ग्रामीण भारत ने, वहां के गांवों ने खुद को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया है. स्वेच्छा, स्वप्रेरणा से और जनभागीदारी से चल रहे 'स्वच्छ भारत अभियान' की ये शक्ति भी है और सफलता का स्रोत भी है. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती को लेकर पीएम ने कहा, ''बापू की जयंती का उत्सव तो पूरी दुनिया मना रही है. कुछ दिन पहले UN ने डाक टिकट जारी कर इस विशेष अवसर को यादगार बनाया और आज यहां भी डाक टिकट और सिक्का जारी किया गया है. मैं आज बापू की धरती से, उनकी संकल्प स्थली से पूरे विश्व को शुभकामनाएं देता हूं.'' 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''जिस तरह देश की आजादी के लिए बापू के एक आह्वान पर लाखों भारतवासी सत्याग्रह के रास्ते पर निकल पड़े थे, उसी तरह स्वच्छाग्रह के लिए भी करोड़ों देशवासियों ने खुले दिल से अपना सहयोग दिया.'' राष्ट्रपिता के स्वच्छता के सपने को याद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''पांच वर्ष पहले जब लालकिले से मैंने स्वच्छ भारत के लिए देशवासियों को पुकारा था, तब हमारे पास सिर्फ जन विश्वास था और बापू का अमर संदेश था. आज पूरा विश्व हमें इसके लिए पुरस्कृत कर रहा है, सम्मान दे रहा है. 60 महीने में 60 करोड़ से अधिक आबादी को शौचालय की सुविधा देना, 11 करोड़ से ज्यादा शौचालयों का निर्माण, ये सुनकर विश्व अचंभित है.'' प्रधानमंत्री ने बताया कि UNICEF के अनुसार बीते पांच वर्षों में स्वच्छ भारत अभियान से भारत की अर्थव्वयस्था पर 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है. स्वच्छ भारत अभियान से 75 लाख से अधिक रोजगार के अवसर भारत में बने हैं, जिनमें से अधिकतर गांवों के बहन-भाइयों को मिले हैं. सिंगल यूज़ प्लास्टिक को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छता, पर्यावरण सुरक्षा और जीव सुरक्षा, ये तीनों विषय गांधी जी के प्रिय थे. प्लास्टिक इन तीनों के लिए बहुत बड़ा खतरा है. वर्ष 2022 तक देश को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने का लक्ष्य हमें हासिल करना है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साबरमती आश्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी 150वीं जयंती के मौके पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की. मोदी ने पुष्पांजलि अर्पित की, वहां संग्रहालय गए और छात्रों से संवाद किया. मोदी इसके साथ ही आश्रम स्थित गांधीजी के आवास हृदय कुंज भी गए. पीएम मोदी ने विजिटर बुक में अपने विचार भी लिखे. वह आश्रम में करीब 20 मिनट रुके. उनके साथ गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी थे. गांधी ने आश्रम की स्थापना दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद 1917 में की थी और वह वहां पर 1930 तक रहे. वह 1930 में वहां से दांडी यात्रा पर निकले और कहा कि वह आश्रम तभी लौटेंगे जब भारत को स्वतंत्रता मिल जाएगी.

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