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06 November 2019

बिहार सरकार ने 15 साल से अधिक पुराने वाहनों पर लगाया प्रतिबंध

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई शहरों और क्षेत्रों में प्रदूषण की समस्या को देखते पटना में 15 साल से अधिक पुराने सभी वाणिज्यिक वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया है. 15 साल से अधिक पुराने निजी वाहनों के परिचालन के लिए प्रदूषण की जांच को अनिवार्य कर दिया गया है. पुराने प्रदूषण प्रमाणपत्र का कोई महत्व नहीं होगा. इसके अतिरिक्त पूरे राज्य में निजी वाहनों के परिचालन पर रोक नहीं लगाई है.  ये सभी फैसले 07 नवंबर से लागू होंगे. बिहार के प्रमुख शहरों में वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक हो गई है. बिहार की राजधानी पटना देश के सर्वाधिक वायु प्रदूषण वाले टॉप-10 शहरों में शामिल है.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने हाल ही में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) जारी किया है जो क्षेत्र में प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति को दर्शाता है. रिपोर्ट के अनुसार, पटना में पीएम 2.5 का स्तर 428 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के स्तर पर पहुंच गया है. बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने एक प्रेस ब्रीफिंग में यह भी उल्लेख किया था कि ऑटो-रिक्शा ईंधन के रूप में केरोसिन या मिक्स डीजल का उपयोग करते हैं, जो प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है. राज्य सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में वायु प्रदूषण का लगभग 30% हिस्सा वाहनों से फैल रहा है.

सरकार ने यह भी फैसला किया कि पुआल जलाने पर भी रोक लगाई जाएगी. पूरे बिहार में इसके लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. इसके अतिरिक्त अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदूषण को रोकने हेतु बिहार में सीएनजी वाहनों की बिक्री को अधिक बढ़ावा दिया जाएगा. बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने हेतु राज्य सरकार कुछ कदमों पर विचार कर रही है.

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