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21 November 2019

सड़क हादसों में तमिलनाडु पहले स्थान पर

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 19 नवंबर 2019 को अपनी रिपोर्ट ‘भारत में सड़क दुर्घटनाएं- 2018’ जारी की है. रिपोर्ट के अनुसार साल 2017 के मुकाबले साल 2018 में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में 0.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. इस दौरान सड़क दुर्घटना में मृत्यु दर में भी 2.37 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. रिपोर्ट में साल 2010 तक दुर्घटनाओं, मौतों और घायलों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई थी. इसके बाद साल दर साल मामूली उतार-चढ़ाव के साथ वे कुछ हद तक स्थिर हो गये. इसके अतिरिक्त साल 2010 से साल 2018 तक की अवधि में दुर्घटनाओं के साथ-साथ दुर्घटनाओं की वार्षिक वृद्धि दर में भारी गिरावट आई.

रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2018 के दौरान देश में सड़क दुर्घटनाओं में 0.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. साल 2017 में 4,64,910 के मुकाबले 4,67,044 सड़क दुर्घटनाएं हुईं. इस अवधि के दौरान मृत्यु दर में भी करीब 2.37 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. साल 2017 में 1,47,913 के मुकाबले साल 2018 में 151471 लोग मारे गए थे. सड़क दुर्घटना में घायलों की संख्‍या में साल 2017 की तुलना में साल 2018 में 0.33 प्रतिशत की कमी आई. लगभग 15 प्रतिशत पैदल यात्रियों ने सड़क दुर्घटना में अपनी जान गंवाई. साइकिल चालकों की हिस्सेदारी 2.4 प्रतिशत थी और दोपहिया वाहनों की संख्या 36.5 प्रतिशत थी. साल 2018 में, तमिलनाडु में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक लोग मारे गए.

राष्ट्रीय राजमार्ग, देश के कुल सड़क नेटवर्क में एनएच की हिस्सेदारी केवल 1.94 प्रतिशत ही है जबकि कुल सड़क दुर्घटनाओं में इसकी हिस्सेदारी 30.2 प्रतिशत है. अन्य सड़कें, जो कुल सड़कों का करीब 95.1 प्रतिशत हैं.

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