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03 December 2019

संसद ने इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध विधेयक-2019 पारित किया

संसद ने 02 दिसंबर 2019 को इलेक्‍ट्रानिक सिगरेट निषेध विधेयक- 2019 पारित कर दिया है. इस विधेयक को राज्‍यसभा ने व्‍यापक चर्चा के बाद मंजूरी दी. यह विधेयक लोकसभा में पहले ही पारित हो चुका है. सांसदों ने राज्यसभा में चर्चा के दौरान इस पर रोक का समर्थन किया, लेकिन साथ में अन्य तंबाकू उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग भी उठाई. इस विधेयक पर राज्‍यसभा में बहस में कुल 28 सदस्‍यों ने भाग लिया. विधेयक के अनुसार, ई सिगरेट का भंडारण भी दंडनीय होगा तथा इसके लिये छह महीने तक की सजा या 50 हजार रूपये तक जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान किया गया है. विधेयक के अनुसार, इस कानून का पहली बार उल्लंघन करने वाले लोगों को एक साल तक की जेल और एक लाख रुपये का जुर्माना भरना होगा. इसके मुताबिक, दोबारा पकड़े जाने पर तीन साल तक की जेल या पांच लाख रुपये का जुर्माना, या दोनों लगाया जाएगा.

ई सिगरेट का उपयोग सक्रिय उपयोगकर्ता के लिये जोखिम वाला है. ई सिगरेट के घोल और उत्सर्जन को नुकसानदायक माना जाता है. विधेयक में प्रावधान किया गया है कि इसमें प्राधिकृत अधिकारी को इलेक्ट्रॉनिक सिगरेटों के पैकेज रखे जाने वाले परिसर में प्रवेश करने तथा तलाशी लेने और ऐसे स्टाक को जब्त करने का अधिकार होगा. यह विधेयक ऐसे वैकल्पिक धूम्रपान उपकरणों के निर्माण, उत्पादन, आयात, निर्यात, वितरण, परिवहन, बिक्री, भंडारण या विज्ञापनों को पूरी तरह संज्ञेय अपराध बनाता है. केंद्र सरकार ने लोगों को, मुख्य रूप से युवाओं को ई-सिगरेट से होने वाले सेहत संबंधी खतरों का उल्लेख करते हुए इन उत्पादों पर रोक लगाने हेतु सितंबर 2019 में एक अध्यादेश जारी किया था. केंद्र सरकार ने इसके साथ ही ई-हुक्के को भी प्रतिबंधित किया है.

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