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13 December 2019

नागरिकता संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सिटिजनशिप (अमेंडमेंट) बिल (सीएबी) को अपनी मंजूरी दे दी है. गुरुवार देर रात राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद अब यह बिल अब कानून बन गया है. गौरतलब है कि लोकसभा के बाद राज्यसभा ने भी इस विधेयक को मंजूरी दे दिया था. नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 बुधवार को राज्यसभा में पारित हो गया. यह विधेयक लोकसभा में पहले ही पारित हो चुका था. गुरुवार देर रात राष्ट्रपति की ओर से इसे मंजूरी मिलने के बाद यह विधेयक कानून में बदल गया. राज्यसभा में विधेयक के पक्ष में 125 जबकि विपक्ष में 105 वोट पड़े.

इससे पहले विधेयक को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया गया. इस कानून के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में अवैध तरीके से रहने वाले अप्रवासियों के लिए अपने निवास का कोई प्रमाण पत्र नहीं होने के बावजूद नागरिकता हासिल करना आसान हो जाएगा. भारत की नागरिकता के लिए पात्र होने की समय सीमा 31 दिसंबर 2014 होगी. मतलब इस तारीख के पहले या इस तारीख तक भारत में प्रवेश करने वाले नागरिकता के लिए आवेदन करने के योग्य होंगे. नागरिकता पिछली तारीख से लागू होगी. कानून बनने से पहले नागरिकता संशोधन विधेयक लोकसभा में सोमवार को ही पारित हो गया था.

अब नागरिकता कानून, 1955 में संबंधित संशोधन हो गया. इससे तीन पड़ोसी इस्लामी देशों- पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक प्रताड़ना का शिकार होकर भारत की शरण में आए गैर-मुस्लिम धर्मावलंबियों को आसानी से नागरिकता मिल सकेगी. एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार गुरुवार को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही यह कानून लागू हो गया है. इस कानून के अनुसार हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के जो सदस्य 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हैं और जिन्हें उनके देश में धार्मिक उत्पीड़न का सामना पड़ा है, उन्हें गैरकानूनी प्रवासी नहीं माना जाएगा, बल्कि भारतीय नागरिकता दी जाएगी.

बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर नॉर्थ ईस्ट में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है. पूर्वोत्त के असम, मेघालय और त्रिपुरा राज्य में हिंसक प्रदर्शन जारी है. हालात स्थिर करने के लिए लगातार सुरक्षा बलों का फ्लैग मार्च कराया जा रहा है. मेघालय में मोबाइल इंटरनेट और मैसेजिंग सेवा पर पाबंदी लगा दी गई है. मेघालय में 48 घंटों के लिए मोबाइल, इंटरनेट और मैसेजिंग सेवा को बंद किया गया है. वहीं, गुवाहाटी के बाद शिलॉन्ग में गुरुवार रात 10 से कर्फ्यू लगा दिया गया है.

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