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03 December 2019

भारतीय सिविल लेखा सेवा अधिकारी सोमा रॉय बर्मन देश के नये नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक बने

केन्द्र सरकार ने भारतीय सिविल लेखा सेवा अधिकारी सोमा रॉय बर्मन को भारत का नया महालेखा नियंत्रक नियुक्त किया है. बर्मन ने 01 दिसंबर 2019 को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का पद भार ग्रहण कर लिया. वे इससे पहले बर्मन अतिरिक्त महालेखा नियंत्रक के पद पर थीं. सोमा रॉय बर्मन 24वीं महालेखा नियंत्रक हैं. वे इस पद पर पहुंचने वाली सातवीं महिला हैं. वित्त मंत्रालय के अनुसार, उनकी नियुक्ति 01 दिसंबर 2019 से प्रभावी है. उन्होंने 33 साल के करियर में गृह मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, उद्योग मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय और नौवहन, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में विभिन्न पदों पर काम किया है.

सोमा रॉय बर्मन 1986 बैच के भारतीय सिविल लेखा सेवा अधिकारी हैं. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से गणितीय सांख्यिकी में एम.फिल किया है.वे आर्थिक मामलों के विभाग में सचिव के रूप में 'बजट सेक्शन 'में अपनी सेवाएं देने के साथ ही नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक कार्यालय में निदेशक भी रही है. केंद्र सरकार में सार्वजनिक वित्त प्रबंधन क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए उन्होंने कई अहम कदम उठाए हैं. उन्होंने गृह मंत्रालय की राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड में संयुक्त सचिव और वित्तीय सलाहकार के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. वे केंद्र सरकार में सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने हेतु व्यापक सुधारों को तैयार करने में भी सक्रिय रही हैं.

भारत के नियंत्रक और महालेखापरीक्षक एक स्वतंत्र संस्था के रूप में कार्य करते हैं और इस पर सरकार का नियंत्रण नहीं होता. राष्ट्रपति द्वारा भारत के नियंत्रण और महालेखापरीक्षक की नियुक्ति की जाती हैं. नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक ही भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा का भी मुखिया होता है. लेखा महानियंत्रक लेखा मामलों पर केंद्र सरकार का प्रमुख सलाहकार है. वे सरकार के स्वामित्व वाली कम्पनियों का भी अंकेक्षण करता है. उसकी रिपोर्ट पर सार्वजनिक लेखा समितियाँ ध्यान देती है.

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