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06 December 2019

भारतीय मूल के सुंदर पिचाई बने अल्फाबेट के सीईओ

गूगल ने 03 दिसंबर 2019 को भारतीय मूल के सुंदर पिचाई को अपनी मूल कंपनी अल्फाबेट का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है. सुंदर पिचाई ने इंटरनेट की दिग्गज कंपनी के सह-संस्थापक लैरी पेज की स्थान लेंगे. कंपनी ने गूगल के सह संस्थापक लैरी पेज ने सीईओ पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद यह फैसला लिया है. वहीं, एक अन्य सह सस्थापक सर्गेई ब्रिन ने कंपनी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. सुंदर पिचाई इस प्रमोशन के साथ ही विश्व के सबसे शक्तिशाली कॉरपोरेट नेताओं में से एक बन गए हैं. लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन कंपनी के सह-संस्थापक और निदेशक मंडल के रूप में बने रहेंगे. सुंदर पिचाई के पास अब कई नई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी. सुंदर पिचाई ने स्पष्ट किया कि इस बदलाव से अल्फाबेट की संरचना या उसके काम पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

सुंदर पिचाई का जन्म 10 जून 1972 को तमिलनाडु में हुआ था. सुंदर पिचाई की मां लक्ष्मी एक स्टेनोग्राफर और पिता रघुनाथ पिचाई इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे. उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से स्नातक की डिग्री प्राप्त की. उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से मास्टर्स करने के बाद अमेरिका की पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई पूरी की थी. वे साल 2004 में गूगल जॉइन करने से पहले सॉफ्टवेयर कंपनी एप्लाइड मैटेरियल्स और मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म मैकेंजी में काम किया था. सुंदर पिचाई ने अप्रैल 2004 में गूगल ज्वाइन किया था. सुन्दर पिचाई ने गूगल सीईओ का पद ग्रहण 02 अक्टूबर 2015 को किया था. उन्होंने शुरुआत में गूगल ज्वाइन करते ही प्रोडक्ट मैनेजमेंट और इनोवेशन पर काम करना शुरू किया था. उन्होंने इसके बाद गूगल क्रोम, क्रोम ओएस और गूगल ड्राइव में महत्वपूर्ण रोल प्ले किया. उन्होंने जीमेल और गूगल मैप्स के डेवेलपमेंट में भी काम किया.

अल्फाबेट 64 लाख करोड़ रुपये की बाजार पूंजी के साथ विश्व की तीसरी बड़ी कंपनी है. वहीं पहले नंबर पर एप्पल कंपनी और दूसरे नंबर पर माइक्रोसॉफ्ट कंपनी है.अल्फाबेट गूगल एक अमेरिकी कंपनी है. इसके संस्थापक लैरी पेज और सेर्गेई ब्रिन हैं. यह गूगल कंपनी को एक अनुभाग के रूप में संचालित करने हेतु बनाया गया है.

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