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03 December 2019

भारतीय सेना ने स्पाइक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का सफल परीक्षण किया

भारतीय सेना ने हाल ही में मध्य प्रदेश के महू में दो स्पाइक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) का सफल परीक्षण किया. इस परीक्षण के दौरान सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत भी मौजूद रहे. उन्होंने वार्षिक इन्फैंट्री कमांडर्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए महू छावनी में थे. इस मिसाइल को बंकर बस्टर मोड में उपयोग किया जाएगा. स्पाइक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल चौथी पीढ़ी की मिसाइल है, जिसे हाल ही में सेना में शामिल किया गया है. इस मिसाइल को इस्राइल की रॉफेल एडवांस डिफेंस सिस्टम ने विकसित की है. मिसाइल में एक इनबिल्ट सीकर होता है, जो इसे फायर करने वालों को दो मोड में उपयोग करने की सुविधा देता है. इसमें दिन (सीसीडी) और रात (आईआईआर) मोड शामिल है.

स्पाइक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल चार किलोमीटर तक की दूरी पर सटीक निशाना लगा सकती है. मिसाइल में फायर करने की क्षमता, निगरानी और अपडेट करने की क्षमता है. यह मिसाइल मध्य उड़ान के दौरान कई लक्ष्यों के लिए स्विच करने की क्षमता रखती है. इसे फायर करने वाले व्यक्ति के पास इसे लो (Low) या हाई (High) ट्रजेक्टरी से फायर करने का विकल्प होता है. यह मिसाइल हवा में ही लक्ष्य बदलने की क्षमता रखती है. इस मिसाइल को ऊंचे या कम ऊंचाई वाले परिपथ से भी दागा जा सकता है. इस मिसाइल की सहायता से दुश्मनों के टैंक को युद्ध के मैदान में आसानी से तहस-नहस किया जा सकता है. ऐसे मिसाइल की मांग भारतीय सेना बहुत समय से कर रही थी. 

स्पाइक चौथी पीढ़ी की एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल है. इसे इज़राइल के राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम द्वारा विकसित और डिज़ाइन किया गया है. इस मिसाइल में लक्ष्य भेदन की सटीकता बहुत ज्यादा होती है. विश्व भर में अब तक 5000 से ज्यादा स्पाइक मिसाइलें दागी गई हैं. उनमें से 95 प्रतिशत ने लक्ष्य साधने में कामयाबी पाई है. इसलिए, भारतीय सेना में मिसाइलों को शामिल करने से इसकी फायरिंग क्षमता को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. भारत इन मिसाइलों का इस्तेमाल करने वाला 33वां देश बन गया है.

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