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06 December 2019

भारत स्वीडन ने समग्र संबंधों को विस्तार देने का लिया संकल्प, तीन समझौतों पर किए हस्ताक्षर

स्वीडन के राजा कार्ल सोलहवें गुस्ताफ तथा रानी सिल्विया हाल ही पांच दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचे. उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से मुलाकात की. दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने हेतु पीएम मोदी और स्वीडन के राजा के बीच चर्चा हुई. स्वीडन के राजा कार्ल गुस्ताफ सोलहवें एयर इंडिया के विमान से भारत दौरे पर पहुंचे. उनके साथ पत्नी सिल्विया भी मौजूद थीं. ऐसा पहली बार हुआ, जब शाही जोड़े ने किसी देश की सरकारी यात्रा हेतु कमर्शियल फ्लाइट का उपयोग किया.

राजा गुस्ताफ और राष्ट्रपति कोविंद के बीच वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने ध्रुवीय विज्ञान, नवोन्मेष एवं अनुसंधान और समुद्री क्षेत्रों में सहयोग के लिए तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इसके अलावा, मोदी और राजा गुस्ताफ ने नवोन्मेष नीति पर भारत-स्वीडन उच्चस्तरीय नीति वार्ता की बैठक की अध्यक्षता की. इस बैठक में दोनों पक्षों ने अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में संबंधों को विस्तार देने के तरीकों पर चर्चा की. भारत और स्वीडन के बीच अक्षय ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) जैसे सामरिक क्षेत्रों में संयुक्त रूप से परियोजनाओं का क्रियान्वयन करने पर भी सहमति बनी. इस अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि भारत के विकास और सैन्य क्षेत्रों में संभावनाओं के मद्देनजर स्वीडन की कंपनियों हेतु अपार संभावनाएं हैं. 

भारत और स्वीडन संबंध: भारत और स्वीडन के बीच मित्रवत द्विपक्षीय संबंध हैं. यह लोकतंत्र, पारदर्शिता, स्वतंत्रता के अधिकार तथा कानून के शासन जैसे सिद्धांतों पर आधारित है. भारत और स्वीडन के बीच संबंध पिछले कुछ सालों में काफी अच्छे हुए हैं. दोनों देशों के बीच साल 2018 में द्विपक्षीय व्यापार 3.37 अरब डॉलर का था. चीन और जापान के बाद भारत स्वीडन का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है. भारत में स्वीडन की 200 से अधिक कंपनियां काम कर रही हैं. ये कंपनियां दो लाख से अधिक लोगों को रोजगार मुहैया करा रही हैं. भारत की अनेकों कंपनियों ने स्वीडन में निवेश किया है. इसमें प्रमुख रूप से आईटी तथा अन्य तकनीकी समाधान वाली कंपनियाँ शामिल हैं.

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