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21 March 2020

पीएम मोदी ने कोरोना वायरस को लेकर 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की अपील की, जानिए क्या है जनता कर्फ्यू?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस (Corona virus) को लेकर 19 मार्च 2020 को रात 8:00 बजे देश को संबोधित किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि 'ये संकट ऐसा है, जिसने विश्व भर में पूरी मानवजाति को संकट में डाल दिया है. सरकार कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए लगातार इससे लोगों को बचाने की कोशिश में लगी है. केंद्र सरकार ने 22 से 29 मार्च तक सभी देशों से आने-जाने वाली उड़ानों पर रोक का घोषणा किया है. केवल किसी विशेष परिस्थिति में ही उड़ान की अनुमति होगी. दरअसल, कोरोना वायरस फैलने की चार अलग-अलग स्टेजेस हैं. जिनमें से भारत दूसरी स्टेज में है. प्रधानमंत्री ने कहा कि 130 करोड़ नागरिकों ने कोरोना वैश्विक महामारी का डटकर मुकाबला किया है, आवश्यक सावधानियां बरती हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की कि वे 'जनता कर्फ्यू' लगाएं. प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, इस रविवार यानि 22 मार्च 2020 को सुबह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक कोई व्‍यक्ति बाहर न निकले. जनता कर्फ्यू जनता द्वारा खुद पर लगाया गया कर्फ्यू है. उन्होने अपने सम्बोधन में भारत की जनता से आग्रह किया कि वे सभी आने वाले 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक जनता कर्फ्यू का पालन करें. उन्होने जनता कर्फ्यू को जनता के लिए, जनता द्वारा, खुद पर लगाया गया कर्फ्यू कहकर परिभाषित किया. उन्होने देशवाशियों से आग्रह किया कि जनता कर्फ्यू के दौरान जरुरी सेवाओं से सम्बन्धित लोगो के अतिरिक्त कोई भी नागरिक घरों से बाहर न निकलें.

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये 'जनता कर्फ्यू' कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई के लिए भारत कितना तैयार है, ये देखने और परखने का भी समय है. उन्‍होंने कहा कि ये जनता कर्फ्यू एक प्रकार से भारत के लिए एक कसौटी की तरह होगा. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज की पीढ़ी इससे बहुत परिचित नहीं होगी लेकिन पुराने समय में जब युद्ध की स्थिति होती थी तो गांव-गांव में ब्‍लैक आउट किया जाता था. घरों के शीशों पर कागज लगाया जाता था, लाईट बंद कर दी जाती थी, लोग चौकी बनाकर पहरा देते थे.

कोरोना वायरस फैलने की चार अलग-अलग स्टेजेस हैं. इनमें से भारत दूसरी स्टेज में है. पहले स्टेज में वह स्थिति आती है जिसमें किसी दूसरे देश से संक्रमित व्यक्ति हमारे देश में आए. दूसरी स्टेज जिससे फिलहाल भारत गुजर रहा है उसमें विदेश से आए संक्रमित व्यक्ति से स्थानीय स्तर पर संक्रमण फैलने लगे. तीसरी स्टेज होती है सामुदायिक प्रसारण (Community Transmission) की जिसमें संक्रमण स्थानीय स्तर पर तेजी से फैलने लगता है और एक या दो लोगों की बजाय कई इलाके प्रभावित हो जाते हैं. इसमें बिना विदेश यात्रा किए भी लोगों में संक्रमण पाया जाने लगता है. चौथी स्टेज में यह संक्रमण महामारी बन जाता है जैसे की चीन में हुआ और भारी संख्या में लोगों की मौत होने लगती है.

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