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25 April 2020

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 2020: पीएम मोदी ने शुरू किया ई-ग्राम स्वराज पोर्टल

भारत में प्रत्येक साल 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का मुख्य कारण 73वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 है जो 24 अप्रैल 1993 से लागू हुआ था. इस काम के लिए बलवंत राय मेहता की अध्यक्षता में 1957 में एक समिति का गठन किया गया था. समिति ने अपनी सिफारिस में जनतांत्रिक विकेंद्रीकरण की सिफारिश की जिसे पंचायती राज कहा गया है. साल 1992 को संविधान में 73वां संशोधन कर पहली बार पंचायती राज संस्थान की पेशकश की गई जो 24 अप्रैल 1993 को लागु हुआ. इस दिन को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत साल 2010 से हुई थी. भारत में पंचायती राज व्यवस्था की देखरेख के लिए 27 मई 2004 को पंचायती राज मंत्रालय को एक अलग मंत्रालय बनाया गया. 

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के सरपंचों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए बातचीत की. प्रधानमंत्री ने चर्चा के दौरान कोरोना वायरस से लेकर गांवों में विकास के कार्यों पर सरपंचों और ग्राम प्रधानों से बात की. प्रधानमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन में गांवों ने संस्कारों से अच्छी शिक्षा दी है. प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं हिंदुस्तान के हर गांव और वासियों को प्रणाम करता हूँ. उन्होंने कहा कि आपने दुनिया को बहुत सरल शब्दों में मंत्र दिया है. आपने साधारण शब्दों में कह दिया न सोशल डिस्टेंसिंग न लॉकडाउन आपने मैसेज दिया दो गज दूरी की. दो गज देह की दूरी का मंत्र दुनिया को दिया.

प्रधानमंत्री ने कहा कि गांव के आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए शहरों और गांवों में दूरी को कम करने के लिए आज सरकार द्वारा दो बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं. ये दो बड़े प्रोजेक्ट ग्राम स्वराज और स्वामित्व है. इन दो योजनाओं से अपने मोबाइल पर जानकारी लोग रख पाएंगे. ई-ग्राम स्वराज पोर्टल ग्राम पंचायतों को डिजिटल बनाने के लिए एक कदम है. भविष्य में यह पंचायत का लेखाजोखा रखने वाला इकलौता माध्यम बनेगा. बता दें कि इस पोर्टल के बाद अब अलग-अलग जगहों पर काम करने की जरूरत नहीं होगी. इस ऐप पर पंचायत के विकास कार्यों से लेकर फंड तक सारी जानकारियां आसानी से उपलब्ध हो जाएंगी. पोर्टल के जरिए ये भी पता लगाया जाएगा कि किस सरपंच की पंचायत में क्या काम चल रहा है या उनकी योजना या विकास कार्य कहां तक पहुंचा.

प्रधानमंत्री मोदी ने साथ में स्वामित्व योजना को लॉन्च किया. उन्होंने इसे लॉन्च करते हुए कहा कि गांवों में संपत्ति को लेकर जो स्थिति रहती है वो आप जानते हैं. 'स्वामित्व योजना' इसी को ठीक करने का प्रयास है. इसके तहत देश के सभी गांवों में ड्रोन के माध्यम से गांव की हर संपत्ति की मैपिंग की जाएगी. इसके बाद गांव के लोगों को एक मालिकाना प्रमाणपत्र दिया जाएगा. संपत्ति को लेकर जो भ्रम की स्थिति रहती है वो दूर हो जाएंगे. यूपी, महाराष्ट्र, कर्नाटक हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में इस योजना को प्रारंभिक तौर पर प्रारंभ कर रहे हैं.

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