मासिक करेंट अफेयर्स

25 April 2020

COVID-19 के कारण दुनियाभर में कई जगह गंभीर भुखमरी हो सकती है: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र के निकाय विश्व खाद्य कार्यक्रम (World Food Programme) ने चेताया है कि देशों ने जल्द कदम नहीं उठाए तो 'अगले कुछ महीनों में कई जगहों पर गंभीर भुखमरी' हो सकती है. संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि भुखमरी महामारी बनने के कगार पर पहुंच चुकी है. कोरोना वायरस पूरी दुनिया पर चौतरफा संकट मार कर रहा है. संक्रमण के कारण दुनियाभर में लोग बीमार पड़ रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम के अनुसार कोविड-19 की वजह से आर्थिक क्षेत्र में आई गिरावट इस वर्ष में दुनिया में तीव्र खाद्य असुरक्षा का सामना करने वाले लोगों की संख्या लगभग दोगुनी हो सकती है. अर्थात महामारी से दुनिया भर में भूखमरों की संख्या 26.5 करोड़ पहुंच सकती है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया में पिछले साल से ही खाद्य असुरक्षा बढ़ रही थी. अब कोरोना वायरस संकट के कारण हालात पहले के मुकाबले कहीं ज्‍यादा खराब हो सकते हैं. विश्व खाद्य कार्यक्रम का अनुमान है कि पेट भर भोजन नहीं पाने वालों की संख्या 2020 में बढ़कर 26.5 करोड़ हो सकती है, जो 2019 में 13.5 करोड़ थी. जिनेवा में एक ब्रीफिंग में विश्व खाद्य कार्यक्रम के मुख्य अर्थशास्त्री और अनुसंधान, मूल्यांकन और निगरानी के प्रमुख आरिफ हुसैन ने कहा कि कोविड-19 संभावित रूप से उन लाखों लोगों के लिए विनाशकारी है, जो पहले से ही एक ऐसी समस्याओं में घिरे हुए हैं.

विश्व खाद्य कार्यक्रम और संयुक्त राष्ट्र खाद्य व कृषि संगठन की संयुक्‍त राष्‍ट्र को सौंपी रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में 55 देशों में 13.5 करोड़ लोग गंभीर खाद्य संकट का सामना कर रहे थे. रिपोर्ट में साल 2020 और साल 2019 के दौरान 50 देशों के खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे लोगों के जुटाए गए आंकड़ों की तुलना की गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले से खाद्य संकट का सामना कर रहे लोगों के लिए कोविड-19 महामारी की वजह से स्थिति ज्‍यादा चिंताजनक होगी. इन लोगों पर वैश्विक महामारी के चलते स्वास्थ्य और सामाजिक आर्थिक झटके की मार सबसे ज्‍यादा पड़ेगी.

संयुक्‍त राष्‍ट्र ने रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद चेतावनी देते हुए कहा कि इस साल वैश्विक स्तर पर भुखमरी का सामना करने वाले लोगों की संख्या दोगुनी हो सकती है. कोरोना वायरस फैलने की रफ्तार पर ब्रेक लगाने के लिए दुनियाभर में लागू किए गए लॉकडाउन के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था को हो रहे नुकसान पर G-20 देशों ने कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में खाद्य मूल्य अस्थिरता को रोकने के लिए काम कर रहे हैं. विश्व खाद्य कार्यक्रम और अन्य भागीदारों द्वारा खाद्य संकट पर 21 अप्रैल 2020 को पेश की गई चौथी वार्षिक वैश्विक रिपोर्ट में पाया गया कि कोरोनो वायरस संकट के फैलने से पहले पिछले साल ही खाद्य असुरक्षा ही बढ़ रही थी. इसमें पाया गया कि 55 देशों में 13.5 करोड़ लोग पिछले साल तीव्र खाद्य संकट या एकमुश्त मानवीय आपात स्थितियों की स्थिति में थे.

No comments:

Post a comment