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27 May 2020

हॉकी के महान खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनियर का निधन

भारत के महान हॉकी खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनियर का 25 मई 2020 को निधन हो गया. वे 95 साल के थे. वे पिछले दो सप्ताह से कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे. उनके परिवार में बेटी सुशबीर और तीन बेटे कंवलबीर, करणबीर और गुरबीर हैं. उनका पिछले कई दिनों से मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में इलाज चल रहा था. फोर्टिस अस्पताल मोहाली के निदेशक अभिजीत सिंह ने कहा कि उन्हें 8 मई 2020 को यहां भर्ती कराया गया था. सांस लेने में दिक्कत होने की शिकायत के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. फोर्टिस अस्पताल के निदेशक डॉक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि बलबीर सिंह ने 25 मई 2020 को सुबह लगभग 6.30 बजे अंतिम सांस ली.

बलबीर सिंह सीनियर भारत के इकलौते ऐसे खिलाड़ी थे,जोकि तीन बार ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता टीम के सदस्य रहे थे. वे लंदन (1948), हेलसिंकी(1952) और मेलबर्न (1956) ओलिंपिक में गोल्ड जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे. उन्हें अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक कमेटी ने आधुनिक ओलंपिक इतिहास के 16 महानतम खिलाड़ियों में शामिल किया था. वे इस सूची में शामिल होने वाले, देश के इकलौते खिलाड़ी थे. बलबीर सिंह सीनियर को साल 1957 में पद्मश्री दिया गया था. तब यह पहला मौका था, जब किसी खिलाड़ी को यह सम्मान मिला था. वे साल 1975 में इकलौता हॉकी वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के मैनेजर थे.

बलबीर सिंह सीनियर का जन्म 31 दिसंबर 1923 को पंजाब के हरिपुर खालसा में हुआ था. उन्हें न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में हॉकी के सबसे महान खिलाड़ियों में माना जाता है. बलबीर सिंह सीनियर को साल 1956 के मेलबर्न ओलंपिक में भारत का कप्तान बनाया गया. भारत सरकार ने साल 1957 में बलबीर सिंह को पद्मश्री से सम्मानित किया था. वे साल 1975 की विश्व कप विजेता टीम के मैनेजर थे. इस टीम की कप्तानी अजीत पाल सिंह कर रहे थे. बलबीर विश्व कप-1971 में कांस्य पदक और विश्व कप-1975 जीतने वाली भारतीय टीम के मुख्य कोच थे. बलबीर सिंह सीनियर दुनियाभर में गोल मशीन के नाम से मशहूर थे. टीम इंडिया ने साल 1955 में न्यूजीलैंड -आस्ट्रेलिया के खिलाफ 203 गोल किए, जिसमें 121 गोल बलबीर सिंह सीनियर के थे. देश के महानतम एथलीटों में से एक बलबीर सीनियर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा चुने गए आधुनिक ओलंपिक इतिहास के 16 महानतम ओलंपियनों में शामिल थे.

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