मासिक करेंट अफेयर्स

08 May 2020

इटली के वैज्ञानिकों ने किया दुनिया की पहली कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने का दावा

इटैलियन शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि दुनिया का पहला कोरोना वायरस टीका (वैक्सीन) उन्होंने विकसित किया है, जो मनुष्यों पर काम करने की संभावना है. टाकिस नाम की इटैलियन फर्म यह टीका विकसित कर रही है. टीके के विकास पर बात करते हुए, टाकिस के सीईओ लुइगी औरिसिचियो ने कहा कि संभावित कोरोना वायरस वैक्सीन ने पहली बार मानव कोशिकाओं में कोरोना वायरस को बेअसर कर दिया. उन्होंने कहा कि यह इटली में निर्मित उम्मीदवार टीके के परीक्षण का सबसे उन्नत चरण है. इस गर्मी के मौसम के बाद इस टीके का परीक्षण मानव पर करने की उम्मीद है.

इटैलियन फर्म ने कहा कि स्पल्लनजानी अस्पताल के अनुसार, दुनिया में सबसे पहले उन्होंने एक वैक्सीन के माध्यम से कोरोना वायरस को एक टीके से बेअसर करने का प्रदर्शन किया है. इसके लिए मानव परीक्षण जल्दी ही शुरू होगा. इटली के शोधकर्ताओं ने पहले चूहों पर इस टीके का परीक्षण किया था और इस टीके ने वायरस को चुहों की कोशिकाओं को संक्रमित करने से रोकने के लिए एंटीबॉडीज़ सफलतापूर्वक विकसित कर दी. शोधकर्ताओं ने यह पाया कि पांच टीकों ने बड़ी संख्या में एंटीबॉडीज़ उत्पन्न की, फिर उन्होंने ऐसे दो टीकों का चयन किया जिनके परिणाम सबसे अच्छे थे. 

टाकिस के सीईओ लुइगी औरिसिचियो ने कहा कि वे एक वैक्सीन बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं जो इटैलियन शोधकर्ता इटली की समस्त तकनीक का उपयोग करके तैयार कर लेंगे, इटली में इस टीके का परीक्षण करने के बाद जुलाई तक इस टीके को सभी के लिए उपलब्ध करवा दिया जाएगा. हालांकि, उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को गति देने में मदद के लिए उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों और भागीदारों का समर्थन चाहिए. इटली में इस 6 मई तक कोरोन वायरस के कुल पुष्टि प्राप्त मामले 2,13,013 हो गए हैं, जिनमें से 85,231 लोग ठीक हो चुके हैं और 29,315 लोगों की मौत हो गई है.

कोरोना वायरस के सभी संभावित टीकों को डीएनए प्रोटीन "स्पाइक" की आनुवंशिक सामग्री के आधार पर विकसित किया जा रहा है, जोकि मानव कोशिकाओं में प्रवेश करने के लिए कोरोना वायरस द्वारा उपयोग की जाने वाली आणविक नोक (टिप) है. टीके के विभिन्न टाइप्स को "इलेक्ट्रोपोरेशन" तकनीक के साथ इंजेक्ट किया जाता है, जिसमें एक इंट्रामस्क्युलर इंजेक्शन होता है, जिसके बाद एक संक्षिप्त विद्युत आवेग होता है, जो कोरोना वायरस के टीके को कोशिकाओं में प्रवेश करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करने में मदद करता है. शोधकर्ताओं के अनुसार, यह उनके टीके को "स्पाइक" प्रोटीन के खिलाफ, विशेष रूप से कोरोनोवायरस के लिए सबसे अधिक असुरक्षित फेफड़ों की कोशिकाओं में, कार्यात्मक एंटीबॉडीज़ उत्पन्न करने के लिए प्रभावी बनाता है.

No comments:

Post a Comment