मासिक करेंट अफेयर्स

30 June 2020

पीओके में हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट हेतु पाकिस्तान ने चीन के साथ 2.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किये

पाकिस्तान ने चीन के साथ 25 जून 2020 को 1124 मेगावाट कोहला हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट (जलविद्युत परियोजना) के निर्माण के लिए एक तीन पक्षीय पावर खरीद समझौते (TPPA) पर हस्ताक्षर किया. पाकिस्तान सरकार, चीनी कंपनी - चाइना थ्री गोर्जेस कॉर्पोरेशन (चीनी सरकार की स्टेट ओन्ड कंपनी) और आज़ाद कश्मीर की सरकार (पाकिस्तान अधिग्रहित कश्मीर का एक हिस्सा) के बीच इस समझौते पर हस्ताक्षर किये गये. 
हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पाकिस्तान अधिग्रहित कश्मीर के मुज़फ़राबाद जिले में सिरान और बर्सला गावों के निकट स्थित है. यह हाइड्रो पावर प्रोएज्क्ट झेलम नदी पर स्थित है. यह प्रोजेक्ट चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का एक हिस्सा है. इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागर 2,364 मिलियन अमेरिकन डॉलर है और यह प्रोजेक्ट वर्ष 2026 तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है. यह हाइड्रो पावर प्लांट कोहला हाइड्रोपावर कंपनी लिमिटेड (KHCL) द्वारा तैयार किया जाएगा. KHCL चाइना थ्री गोर्जेस कॉर्पोरेशन की एक सहायक कंपनी है.

पाकिस्थान की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पाकिस्तान के बुनियादी ढांचे का विकास करने के इरादे से CPEC की स्थापना 22 मई, 2013 को हुई थी. CPEC पाकिस्तान के लिए चीन का एक ऋण जाल है. यह तब साबित हुआ जब पाकिस्तान सरकार द्वारा वर्ष 2018 में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ अपने देश की अर्थव्यवस्था के लिए 6 बिलियन अमरीकी डालर के बेलआउट पैकेज के लिए बातचीत करनी शुरू की. पाकिस्तान के योजना और विकास मंत्रालय द्वारा IMF को जमा करवाए गए दस्तावेजों से यह खुलासा हुआ है कि CPEC के तहत 26.5 बिलियन निवेश के लिए पाकिस्तान चीन को ऋण और लाभांश के तौर पर 40 बिलियन अमेरिकी डॉलर का भुगतान करेगा. CPEC प्रोजेक्ट की असली लागत शुरू में 46 बिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी गई थी लेकिन वर्ष 2017 के अंतिम अपडेट के मुताबिक CPEC की कुल लागत 62 बिलियन अमेरिकी डॉलर (26.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की दोगुनी राशी से अधिक) तक पहुंच गई. 

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